भिदिउरा गांव में होलिका की तैयारी करते गांव के युवक।
होली पर्व को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में हालिकाएं सजने लगी हैं। युवाओं की टोली निर्धारित स्थल पर वैदिक रीति रिवाज से होलिकाएं स्थापित कर उसके आसपास लकड़ी, पुआल, उपली आदि को लाकर रख रहे हैं।
होलिका दहन के दिन परपंरागत तरीके से होलिका दहन किया जाएगा। मान्यता है कि द्वापरयुग में हिरण्याकश्यप ने अपने बेटे प्रह्लाद को मारने के लिए वरदान प्राप्त बहन होलिका की गोद में बिठाकर आग लगा दिया था। उस दौरान होलिका तो मर गई लेकिन प्रह्लाद बच गए थे।
उसी के बाद से होलिका का पर्व मनाया जाता है। पुलिस के आंकड़ो पर गौर किया जाए तो जिले में 1088 होलिकाएं पंजीकृत है। पुलिस अधीक्षक पीके मिश्र ने कहा कि 16 संवेदनशील होलिकाएं पुलिस की देखरेख में दहन की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा का बेहतर इंतजाम किया गया है। सभी थानाध्यक्षों और बीटा पुलिस को चक्रमण करने के लिए कहा गया है।