सुरियावां। सरकारी धन का दुरुपयोग कैसे होता है। सुरियावां नगर पंचायत में इसका ताजा मामला सामने आया है। लगभग 48 लाख रुपये खर्च कर जिस नाली का निर्माण कराया गया था, अब वह बेकार हो गई है। नाली के निकासी को हाईवे प्राधिकरण ने बंद कर दिया है। इसका खामियाजा अब वार्ड-2 की लगभग 1500 आबादी को भुगतना पड़ेगा। नाली निकासी बंद होने से बारिश पर लोगों के घरों में पानी घुसेगा।
सुरियावां नगर पंचायत के वार्ड-2 सुभाषनगर मलेपुर में जल निकासी के समाधान के लिए नाली निर्माण सहित इंटरलॉकिंग और मिट्टी डालने का कार्य कराया जाना था। जिम्मेदारों ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले आनन-फानन में कार्य का शिलान्यास भी करा दिया, जबकि इसके लिए कोई तैयारी नहीं थी। हालांकि अमर उजाला ने खबर छापी तो किसी तरह काम शुरू हुआ। 315 मीटर लंबी नाली को सड़क पार पुरानी निकासी से जोड़ दिया गया। अब यहां गौर करने वाली बात है कि मछलीशहर, भदोही वाया वाराणसी हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया बीते तीन से चार महीने से चल रही है। जहां हाईवे अपनी नालियों का निर्माण भी करा रहा है। यह जानते हुए जिम्मेदारों ने नगर पंचायत की नाली को सड़क के उस पार ले जाकर क्यों जोड़ा। अब जब हाईवे का काम शहर की तरफ शुरू हुआ है तो हाईवे ने नगर पंचायत के नाले को बंद कर दिया। जिससे दो माह पहले ही बनी नाली का अब कोई औचित्य नहीं रह गया है। नाली बंद होने से ओवरफ्लो हो गई है। अब मलेपुर वार्ड के लगभग 1500 को आबादी को यह चिंता है कि बारिश होने के बाद नाली का सारा पानी उनके घरों में घुसेगा। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी।
शिकायत भी हुई, लेकिन नहीं मिला जवाब
स्थानीय गुलाब चंद मौर्य, राज कुमार मौर्य, राजाराम यादव, कृष्णा गौड़, जग्गू प्रजापति, सोहित गौड़ आदि ने बताया कि नगर पंचायत से शिकायत की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आरोप लगाया कि नाली के निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई है। न तो नाली ऊंची बनाई गई और न ही निकासी की व्यवस्था की गई। नाली के ऊपर पुरानी पटिया रखी गई है। मुश्किल है कि बारिश में खरगपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से पानी में डूबेगा।
वर्जन
हाईवे की नालियों में आम नालियों को नहीं जोड़ा जा सकता है। आने वाले दिनों में नाली से पानी निकासी के लिए कोई अन्य मार्ग तलाशा जाएगा और उस नाली को उसे जोड़ा जाएगा।
- शशिकांत त्रिपाठी, ईओ, सुरियावां।