जिले के सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में सीएमओ डॉ. एसके चक सप्ताह में किसी एक दिन सुबह दाैरे पर जाएंगे।
ओपीडी में देर से आने वाले और बिना सूचना के गायब रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने चिकित्सकों की मनमानी को रोकने के लिए यह प्लान तैयार किया है।
जिले के सरकारी अस्पतालों के ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक है। अस्पताल में कुछ चिकित्सक ऐसे हैं, जो सुबह नौ से 10 बजे तक ओपीडी में नहीं पहुंचते हैं। इसका खुलासा बीते दिनों अमर उजाला की पड़ताल में हुआ था। पड़ताल में जिला अस्पताल में 19 में से 18 चिकित्सक गायब थे।
वहीं एमबीएस में 15 में से पांच डाॅक्टर गायब मिले थे। सख्ती के बाद भी चिकित्सकों का रवैया नहीं बदल रहा था। इसके बाद सीएमओ डॉ. एसके चक ने खुद व्यवस्था सुधारने का प्लान बनाया है। अब वे सुबह अस्पताल के ओपीडी का जायजा लेंगे। इस दाैरान 8.30 बजे तक ओपीडी नहीं पहुंचने वाले डाॅक्टर का वेतन रोका जाएगा और उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा जाएगा। जिले में 235 स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां करीब 500 से अधिक डॉक्टर, एलटी, नर्स, पैरामेडिकल समेत स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है
। जिले के बारह रहते हैं चिकित्सक, देरी से पहुंचते है अस्पताल : जिले के अधिकांश चिकित्सक जनपद के बाहर रहते हैं।
वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, मिर्जापुर के निवासी ज्यादा हैं। वे रोजाना अपडाउन कर ड्यूटी करते हैं। इस वजह से वे समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। ओपीडी में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।