जंगीगंज। काशी-प्रयाग के मध्य सेमराधनाथ गंगा तट पर माघ मेले की तैयारियां शुरू होने लगी हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग की अनदेखी से कल्पवासियों की परेशानी बढ़ सकती है। तट तक पहुंचने के लिए लगने वाले चकरप्लेट की चौड़ाई काफी कम रखी जा रही है, जिसको लेकर लोगों में नाराजगी है।
महंत करुणाशंकर दास महाराज ने बताया कि गत 26 वर्षों से माघ मेले का आयोजन होता आ रहा है। जहां पर दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले कल्पवासी रेत पर एक माह तक कल्पवास को पूरा कर लौटते हैं। वन विभाग की ओर से अलाव के लिए लकड़ी, विद्युत विभाग बिजली आपूर्ति, नगर पालिका गोपीगंज शौचालय, जलनिगम पेयजल के लिए हैंडपंप की व्यवस्था करता है। तीन दिन पहले जिला प्रशासन ने बैठक कर अधिकारियों और विभागों को जिम्मेदारी भी दे दी लेकिन अभी तक लोक निर्माण विभाग की ओर से काम शुरू हुआ। हालांकि चकरप्लेट की चौड़ाई कम होने से दिक्कत हो सकती है। स्वामी जी ने बताया कि माघ मेले में कल्पवासी वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के गाइड लाइन में कल्पवास करेंगे। एक जनवरी को डीएम राजेंद्र प्रसाद की ओर से गंगा और ध्वज पूजन कर मेले का आगाज किया जाएगा, जो 28 फरवरी तक चलेगा। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हीरामणि वर्मा ने कहा कि चकरप्लेट की संख्या बढ़ाई जाएगी। कल्पवास शुरू होने से पूर्व सभी काम पूर्ण हो जाएंगे।