राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आगामी निकाय चुनाव में मतदान-मतगणना के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी का विवरण संबंधित साफ्टवेयर में फीड न करने पर जिलाधिकारी ने 16 जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित कार्य पूर्ण होने और सीडीओ से प्रमाण पत्र लेने के बाद ही वेतन से रोक हटाने का निर्देश दिया है।
नगर निकाय चुनाव को लेकर 23 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान और मतगणना में लगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी मांगी थी। आयोग की वेबसाइट पर उसे लोड करने के लिए कहा गया था।
करीब एक माह गुजरने के बाद भी कई विभागों की ओर से लापरवाही बरती गई। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, जल निगम, नहर, नलकूप, काशी राज महाविद्यालय औराई के प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी भदोही, सुरियावां, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी।
डीएम ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को निर्देश दिया है कि मुख्य विकास अधिकारी या उप जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से वेतन भुगतान का प्रमाण पत्र लेने के बाद ही अप्रैल का वेतन दिया जाएगा। संबंधित विभागों की ओर से कर्मचारियों और अधिकारियों की फीडिंग में मनमानी की गई है। कुछ विभागों ने आधे अधूरे कर्मियों का नाम फीड किया तो कुछ ने एक भी नाम को सूची में नहीं डाला।