भदोही स्टेशन पर खड़ी कामायनी एक्सप्रेस पर सवार होने की जद्दोजहद में यात्री। संवाद
भदोही। अगर आपको दीपावली पर यात्रा करनी है और अब तक आपने ट्रेन का टिकट बुक नहीं कराया है तो फिर आपका यात्रा कर पाना मुश्किल होगा। 20 अक्तूबर को दिवाली है और अभी से 19 अक्तूबर तक महानगरों से भदोही और ज्ञानपुर रोड की तरफ आने वाली किसी ट्रेन में बर्थ खाली नहीं है। चुनिंदा ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी क्लोज हो चुका है और रिग्रेट दिखा रहा है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत घर लौटने वाले परदेशियों को होगी।
दशहरा, दीपावली और छठ पर महानगरों से लोग अपने घर लौटते हैं। इससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। यही वजह है कि ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलने में दुश्वारी हो रही है। एलटीटी से भदोही व ज्ञानपुर रोड आने के लिए सात, हावड़ा से भदोही-ज्ञानपुर आने के लिए तीन, नई दिल्ली से भदोही-ज्ञानपुर आने के लिए चार और चेन्नई से भदोही-ज्ञानपुर आने के लिए तीन ट्रेनें हैं। इन ट्रेनों में अगर सीट मिल जाए तो बड़ी संख्या में यात्रियों की परेशानी दूर हो जाती है। लेकिन, जब से चार महीने पहले तक टिकट बुकिंग के बजाय दो महीने कर दिया गया है, किसी भी पर्व पर आने जाने का टिकट बनवा पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दीपावली पर घर आने के लिए 10 अक्तूबर के बाद से ही लोग टिकट बुक करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन टिकट नहीं मिल पा रहा है। इस समय किसी ट्रेन में 60 दिन पहले ही रिजर्वेशन के लिए सुबह आठ बजे लोग बुकिंग कराना चाह रहे हैं लेकिन कुछ ही मिनटों में ट्रेन फुल हो जा रही है। कुछ ही घंटे में ट्रेन की सभी श्रेणियों के आगे रिग्रेट लिखकर आ जा रहा है। ऐसे में बहुत से लोग प्रतीक्षा सूची वाले टिकट खरीद तो रहे हैं लेकिन केवल खुद के संतोष के लिए। उनके सामने अधिक पैसे खर्च कर तत्काल टिकट खरीदने का विकल्प है या विशेष ट्रेन की घोषणा का। इस बार त्योहार बिताकर काम पर या जाॅब पर लौटना भी भारी मशक्कत वाला काम हो गया है। लोग 60 दिन पहले टिकट बुक कर रहे हैं तो कुछ ही मिनटों में ट्रेनों में नो रूम हो जा रहा है। त्योहार पर आना हो या जाना, लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
भदोही जिले के यात्रियों के लिए सबसे भीड़ वाला रेलमार्ग एलटीटी की ओर आने-जाने का है। दूसरे रेलमार्गों पर तो दीपावली के दिन (20 अक्तूबर) बर्थ खाली मिल भी जा रही है लेकिन मुंबई से आने के लिए या तो रिग्रेट की स्थिति है या वेटिंग हो चुकी है। 15017 एलटीटी-गोरखपुर में 21 अक्तूबर को स्लीपर और द्वितीय एसी रिग्रेट है। वहीं तृतीय एसी 60 वेटिंग है। इसी तरह 11071 कामायनी एक्सप्रेस में स्लीपर और द्वितीय एसी में क्रमश: 152 और 102 वेटिंग है। द्वितीय एसी में रिग्रेट है। इसी तरह 21 अक्तूबर को 11061 एलटीटी-ज्ञानपुर रोड जयनगर एक्सप्रेस में तीनों श्रेणी रिग्रेट हो चुका है। 01027 दादर-गोरखपुर में स्लीपर, तृतीय एसी और द्वितीय एसी में क्रमश: 130, 68 व 14 वेटिंग हो चुका है। हाल यह है कि 60 दिन बाद भी यदि किसी को टिकटें बुकिंग करानी है तो सुबह आठ बजे की मारामारी देखते हुए लोग दलालों के माध्यम से टिकट कराने को मजबूर हैं। मुंबई के कल्याण के मो. उमर उंसारी का कहना है कि उन्हें 23 अक्तूबर का रिजर्वेशन चाहिए लेकिन खुद से टिकट निकालने का जोखिम नहीं उठा सकते, क्योंकि उन्हें पता है कि वे अपने घर से टिकट नहीं पाएंगे।