सरोई। औराई-भदोही हाईवे पर सर्रोई बाजार में करीब एक किमी तक डिवाइडर आठ साल बाद भी नहीं बन सका है। डिवाइडर न होने से दुर्घटना का खतरा मंडराता रहता है। बीच सड़क करीब एक किमी तक डिवाइडर के लिए खाली छोड़े गए जगहों पर कूड़ा-कचरा एकत्रित होता रहता है। ठंड में कोहरे वाले दिनों में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
भदोही-औराई हाईवे एक तरफ जौनपुर को जोड़ती है तो वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के लुंबिनी तक जाती है। सपा सरकार में भदोही सीमा से धौरहरा पुल से मिर्जापुर तक यह सड़क फोरलेन बनाई गई थी। फोरलेन बनने के पहले से ही इस मार्ग पर बड़े वाहनों का आना-जाना होता था। वहीं फोरलेन निर्माण के बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया।
औराई से भदोही के बीच ऊंगापुर के बाद सर्रोई प्रमुख बाजार पड़ता है। इस बाजार में हर दिन सुबह शाम बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की भीड़ खरीदारी इत्यादि को उमड़ती है। विडंबना है कि बीते आठ साल में सर्रोई बाजार में करीब एक किमी तक डिवाइडर नहीं बनाया जा सका है। इससे यहां खतरे की आशंका बनी रहती है।
बीते तीन से चार सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में यहां डिवाइडर बनाए जाने का जिलाधिकारी से लेकर अपर जिलाधिकारियों की ओर से निर्देश दिया जा चुका है, लेकिन विभाग की ओर से इसे लेकर कोई पहल नहीं की गई। इन दिनों ठंड के साथ कोहरे का असर भी बढ़ा है। ऐसे में हाईवे से तेज रफ्तार निकल रहे बड़े वाहनों से खतरे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते आठ साल से डिवाइडर के लिए जगह तो छोड़ा गया है, लेकिन वह बन नहीं सका है।
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