इसमें विभिन्न ब्लाकों से आए विकलांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आरपी मिश्र ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि विकलांग बच्चों को दया की नहीं बल्कि प्रेम और सहानुभूति की जरूरत है। अभिभावक और शिक्षकों को उन्हें तराशने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि जो परिवार पात्रता की श्रेणी में आते हैं, वह उनके पास आएं ताकि उन्हें आवास समेत अन्य विकासपरक योजनाओं का लाभ मिल सके।
बीएसए डा. सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि विकलांग बच्चों में प्रतिभाएं कूट-कूटकर भरी हैं। सिर्फ उन्हें विकसित करने की जरूरत है। इसके पूर्व, पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुड़की की छात्रा सोनाली, साक्षी और काजल ने स्वागत गीत गाकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
विकलांग छात्र धनंजय, लक्ष्मण, अशोक, बालादीन, हिमांशु ने एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को प्रभावित किया। विकलांग बच्चों की प्रतिभा को देख लोग ताली बजाने से अपने को नहीं रोक सके।
मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर रश्मि मिश्रा, आरके सिंह, नीरज उपाध्याय, अरविंद मौर्य, अनिल सिंह, रजनीश श्रीवास्तव, मनोज उपाध्याय, सूर्यकांत मौर्य, समरजीत यादव, डा.जेपी सिंह, योगेंद्र बहादुर सिंह, राम सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएसए और संचालन सह समन्वयक भदोही बीएल पाल ने किया।