समेकित शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बृहस्पतिवार को ब्लाॅक संसाधन केंद्र घोसियां में मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इसमें मेडिकल बोर्ड के चिकित्सकों ने जांच कर दिव्यांग बच्चों को प्रमाणपत्र दिया।
कैंप में कुल 60 बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया गया। जिसमें कुल 19 बच्चों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाए गए। कैंप में नेत्र चिकित्सक के अनुपस्थित रहने की वजह से दृष्टि बाधित बच्चों का प्रमाणपत्र नहीं बन सका। ऑर्थोपेडिक सर्जन डाॅ. राहुल द्विवेदी ने तीन प्रमाणपत्र बनाए। ईएनटी की डाॅ. दीप्ति पांडेय की ओर से किसी भी बच्चे का प्रमाण पत्र नहीं बनाया गया।
मनोचिकित्सक डाॅ. अभिनव पांडेय, नैदानिक मनोवैज्ञानिक डाॅ. अशोक परासर ने 16 मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों के प्रमाणपत्र बनाए। मौके पर महमूद आलम, बीईओ प्रदीप मिश्रा, फिजियोथेरेपिस्ट डाॅ. जेपी सिंह, अभिषेक पाठक, रजनीश पांडेय, सुनील कुमार, सुशील उपाध्याय, मनोज कुमार, सत्येंद्र कुमार द्विवेदी आदि रहे।