सुबह 11 बजे: ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर पर दर्शन करते श्रद्धालु।
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ज्ञानपुर। अनलॉक के पहले चरण में सोमवार को जिले के धर्मस्थलों और होटल-ढाबों को खोल दिया गया। हालांकि पहले दिन अपेक्षाकृत भीड़ काफी कम रही। ज्ञानपुर नगर के मध्य स्थित सिद्धपीठ हरिहरनाथ मंदिर पर सुबह गिनती के लोगों ने दर्शन-पूजन किया। उसके बाद दोपहर में मंदिर का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। सीतामढ़ी में मंदिर खुला ही नहीं। सेमराध में भी दर्शन-पूजन करने वाले लोग कम ही पहुंचे। इसी तरह होटल-ढाबों पर भी लोग भोजन करने से कतराते रहे। यही वजह रही कि वहां भी कम लोग पहुंचे।
कोरोना वायरस संक्रमण के कारण करीब दो माह तक देशभर में लॉकडाउन रहा। एक जून से लॉकडाउन हट गया, लेकिन होटल, ढाबा और धार्मिक स्थलों को आठ जून से खोलने की अनुमति मिली। सोमवार को जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल चकवां स्थित हनुमान मंदिर, ज्ञानपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर, तिलंगा स्थित तिलेश्वरनाथ, गोपीगंज के बाबा बड़ेशिव धाम और सेमराधनाथ मंदिर के पट खुल गए, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का धर्मस्थलों में पालन किया गया। हरिहरनाथ मंदिर के सभी घंटे-घंटियों को एक में बांध दिया गया था। ताकि लोग उन्हें बजा न पाएं। सुबह सात से नौ बजे तक 10 से 20 की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
चकवा महावीर मंदिर का कपाट भी खुल गया। हालांकि पहले दिन गिनती के श्रद्धालु ही पहुुंचे। कमोबेश यही हाल दूसरे धार्मिक स्थलों की भी रही। श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह तक न जाकर बाहर से ही नमन कर ही चले गए। हाईवे पर स्थित प्रमुख ढाबों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। गिने-चुने यात्री ही ढाबों पर रुके। चकपरौना स्थित दो ढाबों पर शाम चार बजे 10 से 12 की संख्या में ही लोग दिखे। प्रमुख धार्मिक पौराणिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी स्थित श्री सीतासमाहित स्थल मंदिर, विश्व प्रसिद्ध श्री हनुमान जी मंदिर, सीता-सदन गेस्ट हाउस सहित सीता प्रसाद रेस्टोरेंट 30 जून तक बंद रहेगा। मंदिर बंद रहने के चलते आसपास की दुकानें भी बंद रहेंगी। सोमवार से धार्मिक पर्यटन स्थलों के सशर्त खुलने की सरकार की घोषणा पर स्थानीय दुकान दारों में प्रसन्नता थी, लेकिन कोरोना वायरस के लगातार बढ़ने के कारण ट्रस्ट ने जून तक मंदिर बंद करने का निर्णय लिया है।
प्रबंधक कैलाश चंद्र ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण मंदिर को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। सुबह श्रद्धालुओं और सैलानियों का आगमन हुआ, लेकिन मंदिर बंद रहने के कारण लोगों को मायूसी हुई। उधर महर्षि वाल्मीकि आश्रम, मौनी बाबा आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, बाबा धवासा नाथ आश्रम के मंदिर लोगों के लिए खोल दिया गया है। इन मंदिरों में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। पुजारी पं. महेश मिश्रा ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश से पहले पूरी सतर्कता बरती जा रही है।