घर में पोताई के लिए प्रयागराज जिले की सीमा से सटे ऊंज थाना क्षेत्र के दशरथपुर गांव में स्थित तालाब के किनारे मिट्टी निकालते समय शनिवार की शाम ढूहा गिरने से उसमें दबकर देवरानी-जेठानी की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों महिलाएं पास के ही अकोढ़ा गांव की रहने वाली थीं।
ऊंज थाना क्षेत्र के अकोढ़ा गांव निवासी स्व. रामखेलावन की दो बहुएं जड़ावती (35) पत्नी लालमन व सरोजा देवी (34) पत्नी राजेंद्र शनिवार की शाम करीब चार बजे घर से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित पड़ोसी गांव दशरथपुर के तालाब पर मिट्टी लेने गईं थी। परिवार के लोगों ने बताया कि उनके साथ राजेंद्र की 13 वर्षीय पुत्री अंजली भी गई थी। अंजली पास में ही खड़ी थी और तालाब के किनारे जड़ावती और उनकी देवरानी सरोजा देवी मिट्टी की खोदाई करने लगीं। कुछ मिट्टी खोदकर बोरे में भर चुकी थीं और कुछ और मिट्टी खोदने के चक्कर में जैसे ही आगे बढ़ीं कि ऊपर से ढूहा की तरह मिट्टी भरभरा कर गिर गई। मिट्टी के ढूहे में दोनों दब गईं। यह देख अंजली ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाकर किसी तरह से दोनों को बाहर निकाला गया। जब बाहर निकाला गया तो दोनों की हालत गंभीर थी। ग्रामीणों की मदद से परिजन दोनों को लेकर गोपीगंज के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। जड़ावती से दो पुत्रियों व दो पुत्रों में से एक पुत्री की शादी हो चुकी है। वहीं सरोजा देवी से तीन संतान हैं। दोनों के देवर महेंद्र ने बताया कि घटना की जानकारी होने पर गोपीगंज के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि घर में रसोई घर की पोताई, मिट्टी चूल्हा बनाने के लिए दोनों महिलाएं मिट्टी लेने गई थीं।