नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में चल रहे देवी गीतों से माहौल देवीमय हो गया है। पंडालों में सुबह-शाम आरती और भजन भी शुरू हो गए। रविवार को देवी मंदिरों और पांडालो में भक्तों ने पूजा अर्चन कर मुरादें मांगी।
ज्ञानपुर के पुरानी बाजार, बालीपुर, दूधनाथ मंदिर, हरिहरनाथ मंदिर, मिश्रा मार्केट समेत नगर में करीब दर्जनभर पंडाल स्थापित किए गए हैं। ज्यादातर स्थानों पर पंचमी के दिन शनिवार को प्रतिमाएं स्थापित कर दी गई, कुछेक स्थानों पर सप्तमी पर सोमवार को स्थापित की जाएंगी।
पांडालों की आकर्षक सजावट देखकर भक्त निहाल हो जा रहे हैं। शारदीय नवरात्र के छठवें दिन समूचा जिला देवी आराधना में तल्लीन हो गया। मंदिरों से लेकर घरों तक देवी की उपासना की गई।
रविवार को सुबह से लेकर शाम तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। आस्थावान लोग मंदिर में जयकारे लगाते रहे। दर्शन-पूजन के लिए ज्ञानपुर नगर के हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज के मिर्जापुर रोड स्थित काली देवी मंदिर, भिदिउरा के घोपइला देवी मंदिर पर भक्तों की भीड़ उमड़ी। इसी तरह औराई, महराजगंज, बाबूसराय, जंगीगंज, ऊंज, वहिदानगर, सुरियावां, मोढ़, चौरी सहित अन्य इलाकों के मंदिरों पर लोगों ने पूजन अर्चन किया।
सीतामढ़ी के सीता मंदिर, मां कात्यायनी मंदिर, चौरा माता मंदिर, गोपीगंज के मां दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।