ज्ञानपुर। बारिश के मौसम में डेंगू के पांव पसारने की आशंका बढ़ गई है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। सात निकायों और 546 ग्राम पंचायतों में डेंगू के लिए 40 हॉट-स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। 10 गांवों को गंभीर श्रेणी में शामिल किया गया है। हॉट-स्पॉट चिह्नित कर सूची संबंधित विभागों को भेजी गई है। डेंगू के नियंत्रण के लिए हाई रिस्क वाले मोहल्लों और गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डेंगू पर नियंत्रण के लिए शासन से सख्त निर्देश मिले हैं। वर्ष 2023 और 2024 में दो या दो से अधिक डेंंगू मरीज वाले गांवों और मोहल्लों को इस साल हॉट-स्पॉट घोषित कर प्रभावी नियंत्रण करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के साथ ही डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। अब तक डेंगू के दो मरीज मिल चुके हैं। इसके मद्देनजर नियमित निगरानी रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 40 स्थानों को हाॅट-स्पाॅट बनाया है। इसके अलावा मोढ़, अभियां, पट्टीबेजांव, सर्रोई, नारेपार, सेमराध समेत 10 गांव गंभीर श्रेणी में रखे गए हैं। यहां पर अन्य स्थानों की अपेक्षा फॉगिंग और दवाओं का छिड़काव अधिक होता है। विशेष टीम मरीजों की निगरानी करती है। बीते साल 40 डेंगू मरीज मिले थे। जितने डेंगू मरीज बीते साल मिले थे, उतने ही हाॅट-स्पॉट सेंटर बनाए गए हैं। साल 2023 में रिकार्ड 208 डेंगू मरीज मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की तत्परता के चलते साल 2024 में डेंगू का ग्राफ कम हुआ। मात्र डेंगू के 40 मरीज मिले थे। वहीं अब तक दो डेंगू मरीज मिले हैं। बीते साल भदोही नगर, मर्यादपट्टी, रजपुरा, ज्ञानपुर, नई बाजार, घोसिया, खमरिया, गोपीगंज, सुरियावां, मोढ़ आदि स्थानों पर 40 डेंगू मरीज मिले थे। इस बार विभाग इन मोहल्लों पर विशेष नजर रखेगी।
गोपीगंज अर्बन पीएचसी के प्रभारी डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी होना, आंखों में दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि हैं। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें क्योंकि ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।