निर्माणाधीन सोनैचा-बिरनई मार्ग पर लोक निर्माण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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जंगीगंज। योगी सरकार की ओर से जर्जर सड़कों की हालत सुधारने के नाम पर आवंटित करोड़ों रुपये की वाट लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों के बीच पक रही खिचड़ी का भगवान ही मालिक है। टेंडर से लेकर निर्माण तक में अनियमितताओं का दौर जिले थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारी भरकम धनराशि खर्च होने के बाद भी सड़कें चलने लायक रह जाती हैं और ना ही विभाग सड़कों की सुधि लेता है।
इस तरह का मामला शनिवार को डीघ विकास खंड के सोनैचा-बिरनई मुख्य सड़क पर हो निर्माण में सामने आया है जिसका आभास होते ही ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों ने आरोप है कि प्रति वर्ष सड़क निर्माण के नाम पर विभागीय मिलीभगत से सरकार को चूना लगाकर कागजी कोरम पूरा कर लिया जाता है। डामर की जगह केमिकल, छोटी-बड़ी गिट्टियां डाल कर लेपन कर किसी तरह सड़कों को भर दिया जाता है। नतीजा यह होता है कि दो से तीन महीने बाद ही सड़क जर्जर हो जाती है। उक्त सड़क जगापुर सहित एक दर्जन गांवों को जोड़कर लोगों की राह आसान करती है लेकिन मानक की अनदेखी से आवागमन बारहों माह कष्टमय रहता है।
सूचना पर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एसएस यादव मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की जांच शुरू कर दी। जांच में मानकों की अनदेखी सामने आने पर ठेकेदार को फटकार लगाते हुए हिदायत दी कि यदि इसी तरह मानक ताक पर रख कर निर्माण हुआ तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें। प्रदर्शन करने वालों में विनोद मिश्र, दिलीप मिश्र, आशीष मिश्र, रामकृष्ण, विवेक, मुन्ना मिश्र, मुकेश मिश्र, वरुण मिश्र, जेपी मिश्र, पंजाबी गौतम, बाबा गौतम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।