सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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कौलापुर। डीघ विकास खंड के प्रमुख पंचवटी गंगा घाट को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि वर्ष 2000 में तत्कालीन विधायक गोरखनाथ पांडेय ने प्रस्ताव तैयार कर लोक निर्माण विभाग से मार्ग को पूरा कराने की बात कही थी। कार्यकाल समाप्त होने के बाद विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। ठेकेदारों ने गिट्टी गिराकर जगह-जगह बिछाया था, जो अब तक मार्ग पर बिखरी पड़ी है।
ग्रामीणों ने कहा प्रमुख शमशान घाट होने के कारण लगभग 50 गांवों के लोग शवदाह करने आते हैं। ओझापुर से बेरवां तक का सफर लोग किसी तरह पूरा कर लेते हैं, लेकिन जब शमशान तक पहुंचने का नंबर आता है, मार्ग की हालत देखकर सहम जाते हैं। जगह-जगह वर्षों से लगा गिट्टी का ढेर और कुछ हिस्से में बिछाई गईं गिट्टियां बिखर गईं हैं। इससे पैदल, साइकिल, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, कार से चलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय लोग बच-बचाकर सफर तय कर लेते हैं, लेकिन रात के समय चलना कष्टदायी रहता है। 20 वर्ष में अनेक बार विधायक, सांसद से मार्ग को बनवाने की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग ने स्थलीय निरीक्षण कराकर समस्या का समाधान नहीं कराया तो डीएम का घेराव किया जाएगा।
एक्सईएन हीरामणि वर्मा ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। जेई से रिपोर्ट मांग कर मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रामाश्रय पांडेय, गवर्नर मिश्रा, रामबिहारी पांडेय, इंदल मिश्रा, अनिल पांडेय, गुड्डू मिश्रा, सुनील तिवारी, साहब सिंह, पंडित यादव, सतीश पांडेय आदि रहे।