वहिदानगर। विद्युत उपकेंद्र सीतामढ़ी पर कर्मचारियों की लापरवाही से दो सौ से अधिक घरों का अंधेरा 12 दिन बाद भी दूर नहीं हो सका। सोमवार को विभाग के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि आठ अप्रैल को आए आंधी में हाईटेंशन लाइन का खंभा सोनपुर-कटरा गांव में गिर गया था। इसके चलते आज तक आपूर्ति बाधित है।
शिकायत पर कर्मचारियों ने आसपास की तकनीकी खराबियों को दूर कर लाइन तो चालू कर दी लेकिन गांव के बोधान, बलुआ, खलार बस्तियों में पहुंचने वाली लाइन को नहीं जोड़ा जा सका। इसका परिणाम यह है कि अभी तक न खंभा उठ सका न लाइन चालू हो सकी। तटवर्ती गांव होने के कारण आए दिन खूंखार जंगली जानवरों के हमले, विषैले जंतुओं का भय सताता है। तटवर्ती सीमा से सटे प्रयागराज और मिर्जापुर जिला नजदीकी होने के कारण किसी न किसी अनहोनी से क्षेत्रवासी भयभीत रहते हैं। लाइन न मिलने के कारण बिल का भार बढ़ रहा है इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बन चुके हैं। क्षेत्र में भ्रमण करने वाले लाइनमैन और उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी सबकुछ जानते हुए भी गांववासियों के साथ उपेक्षा बरत रहे हैं जिसे अब नहीं सहन किया जाएगा।
एक्सईएन सदर मनोज कुमार से सवाल करने पर बताया कि मामला संज्ञान में न होने से गांववासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थलीय निरीक्षण कराकर समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में शेषमणि यादव, देवीप्रसाद, शिवशंकर, धर्मेंद्र कुमार, फूलचंद, रसूल गुलाम, लखनराम, पप्पू पहलवान, अमर, रामधनी वनवासी, शिवशंकर यादव, छोटेलाल पाल, कमलेश अकेला, मुरली, सुरेश आदि रहे।
ज्ञानपुर/चौरी। गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्रामीण अंचलों में अघोषित बिजली कटौती बढ़ गई है। इससे रोजेदारों संग आम ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। कटौती से उमस और गर्मी से लोग बेहाल है। शिकायत के बाद भी सुधार न होने पर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
जिले में बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए 35 से अधिक उपकेंद्र और 100 के करीब फीडर हैं। दशकों पूर्व स्थापित फीडर और उपकेंद्र की हालत जर्जर होने से आए दिन तकनीकी खराबी का हवाला देकर कटौती की जा रही है। सुरियावां, मोढ़, औराई, डीघ, अभोली क्षेत्र में भी कटौती बढ़ गई है। शासनादेश के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे बिजली होनी चाहिए लेकिन इस समय 10 से 12 घंटे भी बमुश्किल बिजली मिल रही है। चौरी संवाददाता के अनुसार, चौरी उपकेंद्र से संचालित मानिकपुर, चौरी, मई फीडरों से बेपटरी हो चुकी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था रोजेदारों की परेशानी बढ़ गई है। व्यवस्था में सुधार न लाने पर रोजेदारों के साथ अन्य कनेक्शनधारकों ने कर्मचारियों के खिलाफ सड़क उतरने की चेतावनी दी। बेपटरी हुई आपूर्ति व्यवस्था से आजिज आ चुके चौरी बाजार, रोटहां, मानिकपुर, दानूपट्टी, बरदहां, अमवां, जद्दूपुर, मनापुर, लक्षापुर, बहरी, मईहरदोपट्टी के उपभोक्ताओं ने बताया कि इन दिनों नवरात्र और रमजान माह साथ-साथ चल रहा है। बावजूद इसके कटौती उसी समय की जाती है कि मंदिरों में भक्त मां दुर्गा की आरती-पूजन शुरू करते है।
रोजेदार भोर के समय सहरी कर जब नमाज अता करने के लिए तैयार होते उसी समय बिजली ठप कर दी जाती है। ऐसी स्थिति में दोनों वर्गों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, गर्मी से राहत पाने के लिए पंखे आदि भी नहीं चल पाते। सायं पांच से भोर पांच बजे तक चलने वाली आपूर्ति में भी कई बार ट्रिपिंग आम बात रहती है। यदि उस दौरान कोई फाल्ट होता है तो पूरी-पूरी रात जलालत झेलनी पड़ती है। पूरे दिन भर में तीन घंटे की बिजली में न ग्रामीण गर्मी से राहत पा रहे हैं न किसान सिंचाई कर सकते हैं। कटौती का अधिक प्रभाव चौरी फीडर के सभी मुस्लिम बस्तियों में है। कई बार उपकेंद्र पर शिकायत करते हुए कटौती को रोकने की मांग की गई जिसका कोई असर नहीं है। आशीष दुबे, इम्तियाज अंसारी, सुदर्शन मौर्या, सादिक अली, मनोज मिश्रा, शाहिद जमाल आदि ने कहा कि दो दिन में कटौती पर रोक नहीं लगी तो सड़क पर उतरना विवशता बन जाएगी। अधिशासी अभियंता प्रथम आरके सिंह ने बताया कि धूप और गर्मी के कारण तकनीकी गड़बड़ी से समस्या आ रही है। पूर्व से निर्धारित रोस्टर पर आपूर्ति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।