कहा कि पूंजीवादी और प्रशासन के अधिकारी मजूदरों का शोषण करने में पीछे नहीं हैं। वे अब जागरूक हो चुके हैं, इसलिए किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें जो भी कुर्बानी देनी पड़े, हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने मांगों का ज्ञापन खंड विकास अधिकारी ऊषा पाल को दिया। धरना प्रदर्शन में वक्ताओं ने मनरेगा मजदूरों माह में 15 दिन काम देने, मजदूरी निर्धारित करने और समय से भुगतान करने, रोजगार से वंचितों को बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की।
कहा कि मनरेगा मजदूरो का पंजीयन श्रम विभाग की ओर से गावों मे कैंप लगाकर किया जाय। उनकी हर समस्या पर त्वरित गति से निस्तारण किया जाय। शाहिद हत्या काण्ड की उच्च स्तरीय जांच किया जाय।
इस मौके पर धर्मराज गौतम, रामजीत यादव विनोद उपाध्याय, सुधाकर यादव, बनारसी सोनकर, गनेेश, गौतम, लालमनि सरोज, कबूतरा देवी, मनरेगा मजदूर आदि रहे।