भदोही। कालीन उद्योग की राज्य सरकार से जुड़ी समस्याओं को लेकर ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) और कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को लखनऊ में संयुक्त निर्यात आयुक्त पवन अग्रवाल से मुलाकात की।
इस दौरान बाजार विकास योजना (एमडीए), राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कालीन मेलों में भाग लेने के लिए अनुदान की धनराशि बढ़ाने समेत सात सूत्रीय मांगपत्र पर चर्चा की और सौंपा। एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बताया कि संयुक्त आयुक्त से सातों बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें सर्टीफिकेशन व कम्प्लायंस अनुदान दो लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने, विदेशी मेलों में सहभागिता बढ़ाने के लिए अनुदान राशि एक लाख से बढ़ाकर चार लाख करने, डोमेस्टिक मेलों में सहभागिता बढ़ाने के लिए अनुदान राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख करने, आयोजक संस्था को मिलने वाली सहायता 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ करने, पब्लिसिटी व विज्ञापन के लिए सहायता राशि 75 हजार से बढ़ाकर एक लाख करने, एक्सपोर्ट कार्गो कंटेनर पर सहायता राशि जो एफसीएल पर दिया जा रहा है उसे एलसीएल पर लागू करने की मांग शामिल है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने उद्योग हित में भदोही जनपद को बिजली कटौती मुक्त जिला घोषित करने की मांग की।
संयुक्त निर्यात आयुक्त ने आश्वस्त किया है कि इन बिंदुओं पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सीईपीसी प्रशासनिक समिति के सदस्यगण असलम महबूब, इम्तीयाज अहमद आदि शामिल रहे।