भारत-न्युजीलैंड द्विपक्षीय राउंड टेबल वार्ता करते सीईपीसी और न्युजीलैंड के अधिकारी। स्रोत-सीईपी
भदोही। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय भारत टेक्स-2026 में व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देने के साथ-साथ नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। बुधवार को भारत मंडपम में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) भारत व न्यूज़ीलैंड के उच्चायोग अधिकारियों और व्यापारियों के बीच राउंड टेबल वार्ता हुई। जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और औद्योगिक सहयोग सुदृढ़ करने में प्रतिबद्धता दोहराई गई। सीईपीसी ने न्यूज़ीलैंड से ऊन की निर्बाध उपलब्धता और समयबद्ध पूर्ति बनाए रखने की मांग की। न्यूज़ीलैंड प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण समुदायों के मंत्री एवं कृषि एसोसिएट मंत्री मार्क पैटरसन ने न्यूज़ीलैंड में बढ़ते उत्पादन लागत का इस द्विपक्षीय व्यापारिक प्रभाव पर विचार साझा किए और उद्योग के लिए और अधिक अवसर सृजित करने के लिए मौजूदा समझौतों को प्रभावी बनाने की बात कही।
सीईपीसी अध्यक्ष कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने चर्चा में न्यूजीलैंड ऊन के भारत में उपलब्धता और इसमें आ रही कठिनाइयों पर बात की। न्यूजीलैंड प्रतिनिधिमंडल को परिषद ने बताया कि न्यूज़ीलैंड ऊन की कीमतों में लगातार वृद्धि से हमारे कालीनों की उत्पादन लागत में व्यापक बढ़ोतरी हुई है। सीईपीसी ने न्यूज़ीलैंड से ऊन की निर्बाध उपलब्धता और समयबद्ध पूर्ति बनाए रखने की मांग की। राउंड टेबल कांफ्रेंस में मौजूद सीईपीसी उपाध्यक्ष असलम महबूब ने उभरते व्यापारिक चुनौतियों का समाधान करने, बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने तथा निर्यात वृद्धि के नए अवसरों की पहचान के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ निरंतर संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। जफर इकबाल अंसारी, कार्यकारी निदेशक सीईपीसी डॉ. स्मिता नागरकोटी, विजेंद्र जगलान आदि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में थे।