भदोही में पन्नी की खरीदारी करते लोग। संवाद
नईबाजार। बारिश का सीजन शुरू होते ही प्लास्टिक की पन्नियों की मांग तेजी से बढ़ गई है। पशुपालक से लेकर दुकानदार तक प्लास्टिक की पन्नियों को खरीद रहे हैं। मांग बढ़ने के साथ ही इस साल प्लास्टिक की पन्नियों के दामों में भी इजाफा हुआ है। बीते साल की अपेक्षा इस साल करीब 30 से 40 रुपये दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिले में इन दिनों हर दिन बारिश हो रही है। मानसून की स्थिति बनते ही प्लास्टिक के पन्नियों (तिरपाल आदि) की मांग बढ़ जाती है। दुकानदार अपनी दुकानों के सामने बारिश से बचाव के लिए, ठेला-खोमचा संचालक अपने सामान को सुरक्षित रखने के लिए और कालीन कारोबारी गलीचे और कालीनों को नमी से बचाने के लिए बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की पन्नियां खरीद रहे हैं।
झोपड़ियों और अस्थायी शेडों पर भी बारिश से बचाव के लिए इनका खूब उपयोग हो रहा है। इस बीच प्लास्टिक की पन्नियों के दामों में भी इजाफा देखा जा रहा है। स्थानीय दुकानदार राहुल सेठ और राजेश सेठ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कच्चे माल की बढ़ी लागत के कारण प्लास्टिक पन्नियों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। कीमतें बढ़ने के बावजूद मांग में कोई खास कमी नहीं आई है, क्योंकि बरसात के मौसम में इनकी जरूरत हर किसी को पड़ती है। बताया कि पहले जो ग्राहक चार किलो पन्नी खरीदते थे, वे अब दो या तीन किलो ही ले रहे हैं। बारिश से बचाव के लिए प्लास्टिक पन्नी एक जरूरी सामान है, इसलिए मांग भी खूब है।
प्लास्टिक पन्नियों के दाम पहले और अब
पन्नी - पहले - अब
सफेद पन्नी - 180 - 220
पीली पन्नी - 200 - 240
काली पन्नी - 120 - 150
पीली चेक पन्नी - 240 - 280
नोट - पन्नियों का दाम प्रति किलो के अनुसार है।