भदोही। उच्च न्यायालय की दो जजों की पीठ ने भदोही नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की जांच कराने से मना कर दिया है। भाजपा के तीन सभासदों ने न्यायालय में याचिका दाखिल कर पालिका पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच का आदेश देने की गुहार लगाई थी।
नगर पालिका के सभासद अजय दुबे, अरविंद मौर्य व पिंकी गुप्ता कई महीने से पालिका पर निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग कर रहे थे। तीनों सभासदों ने कई बार अधिशासी अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरने पर भी बैठकर अपनी मांग जिला प्रशासन तक पहुंचाई थी। इसके अलावा जिलाधिकारी से मिलकर जांच कराने की मांग की थी। जिला प्रशासन से सहयोग न मिलने की बात कहते हुए तीनों सभासदों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जांच का आदेश देने की गुहार लगाई थी। याचिका में स्टेट आफ यूपी समेत अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह, पालिकाध्यक्ष नरगिस अतहर को भी पार्टी बनाया गया था। बीते सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सिद्धार्थ नंदन व नीरज तिवारी की खंडपीठ ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं को सुना। राज्य की ओर से अधिवक्ता कृष्णपाल वर्मा ने दलील दी कि डीएम भदोही ने मामले में बीते 22 जनवरी को जांच का आदेश दिया था। जांच रिपोर्ट बीते 13 अप्रैल को जिलाधिकारी को सौंपी जा चुकी है। ऐसे में जो सभासद मांग कर रहे हैं, वह पूरी हो चुकी है। पीठ ने यह कहते हुए सभासदों की याचिका खारिज कर दी कि अब और जांच की आवश्यकता न्यायोचित नहीं है।