संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। मुख्य नहर से जुड़े डीघ रजवाहा का पानी अब टेल तक पहुंचेगा। 17 किमी लंबी नहर के तीन से चार किमी दायरे को पक्का कराया जाएगा। इसके अलावा क्षतिग्रस्त पुलिया और फाल को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए नहर विभाग ने 5.50 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इससे 10 से 15 गांवों के करीब 15 से 20 हजार किसानों को सिंचाई का सीधे लाभ मिलेगा।
ज्ञानपुर मुख्य नहर प्रयागराज के केहुनी से निकलकर वाराणसी और मिर्जापुर जिले तक जाती है। इसकी लंबाई 74 किमी है। इससे तीन रजबाहे जुड़े हैं। इसमें डीघ रजबाहा करीब 17 किमी, भदोही रजबाहा की लंबाई 53 और सीखड़ रजबाहा की लंबाई 43 किमी है। तीनों जिलों में करीब ढाई से तीन लाख किसानों को इसका लाभ मिलता है। डीघ रजबाहा से डीघ ब्लॉक क्षेत्र की फसलों की सिंचाई होती है। इसमें कुछ माइनर और कुलाबे भी बने हैं। गंगा तटीय इलाका होने से डीघ रजबाहा के टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। तीन से चार किमी पहले ही बलुई मिट्टी होने से पानी सूख जाता है। इससे कटरा, धनतुलसी समेत 10 से 15 गांवों के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। करीब एक से दो दशक पूर्व से चली आ रही इस समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब नहर विभाग की तरफ से डीघ रजवाहा को दुरुस्त कराने के लिए पांच करोड़ 50 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिसमें बलुई मिट्टी वाले क्षेत्र में नहर को पक्का बनाने, क्षतिग्रस्त हो चुके फाल और पुलिया को भी दुरुस्त कराया जाएगा।
गेहूं और धान की खेती नहीं कर पाते किसान
डीघ रजबाहा के टेल तक पानी न पहुंचने से पानी का संकट हो जाता है। इससे किसान गेहूं और धान की खेती नहीं कर पाते। कुछ किसान तो कम पानी वाले फसलों की बोआई करते हैं जबकि कुछ खेत को खाली छोड़ देते हैं। कार्ययोजना स्वीकृत होने से 10 से 15 गांवों के किसान रबी और खरीफ सीजन में गेहूं और धान की खेती कर सकेंगे।
वर्जन
डीघ रजबाहा के सुधार के लिए 5.50 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर रजबाहा को सही कराया जाएगा। इससे टेल तक पानी पहुंचने से किसानों को लाभ मिलेगा। - सुधीर कुमार पाल, एक्सईएन नहर