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Bhadohi News: सिलिंडर का 976 रुपये दाम, ई-रिक्शा का भाड़ा 200 रुपये और इंतजार के 150 रुपये

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होम डिलवरी न होने पर ई रिक्शा का भाड़ा देकर गैस सिलेंडर ले जाती महिला। संवाद - फोटो : Samvad
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ज्ञानपुर। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच देश में उपजे रसोई गैस सिलिंडर संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ट्राली मैन सिलिंडर की होम डिलीवरी बंद कर दिए हैं। इस कारण सिलिंडर रिफिल करवाने के लिए एजेंसियों के गोदामों पर जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। सिलिंडर की कीमत 976 रुपये के अलावा 200 रुपये आने-जाने का किराया ई-रिक्शा वालों को देना पड़ रहा है। इसके अलावा एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार के लिए 150 रुपये ई-रिक्शा वाले ले रहे हैं। यानि एक सिलिंडर की कीमत अब 1276 रुपये हो गई है। इतनी किल्लत के बावजूद जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग दावा कर रहा है कि जिले में सिलिंडर की कमी नहीं है।
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सबसे ज्यादा भीड़ उन गोदामों पर है जहां दो दिन बाद हो रही है आपूर्ति
जिले की उन गैस एजेंसियों के गोदामों पर ज्यादा भीड़ हो रही है। जहां एक या दो दिन के अंतराल पर गैस सिलिंडर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या होम डिलीवरी बंद होने से है। ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद भी लोगों को सिलिंडर रिफिल करने के लिए गोदामों पर जाना पड़ रहा है। सबसे अधिक उन महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है जिनके घर परिवार के पुरुष सदस्य बाहर हैं।
हर दिन 60 उपभोक्ता करा रहे हैं ई-केवाईसी
एलपीजी वितरक एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण मिश्रा ने बताया कि जिले की 40 गैस एजेंसियों पर इन दिनों हर दिन 60 लोग ई-केवाईसी कराने पहुंच रहे हैं। पहले यह संख्या मुश्किल से 5 से 10 के बीच में थी।
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इनकी भी पीड़ा सुनिए
मेरे पति बाहर रहते हैं। गृहस्थी की खरीदारी हमें ही करनी होती है। घर से एक किमी दूर गैस गोदाम पर सिलिंडर लेने गई थी। ई-रिक्शा चालक ने 300 रुपये ले लिए। - बेबी बानो, मिर्जापुर रोड।
घर से गैस गोदाम की दूरी लगभग 3 किलोमीटर दूर नई बाजार में है। वहां जाने के लिए 200 रुपये किराया देना पड़ा। पहले होम डिलीवरी हो जाती थी तो समस्या नहीं थी। - निर्मला देवी, पिपरी।

जिले में अब सिलिंडर की किल्लत बिल्कुल नहीं है। एजेंसियों पर पर्याप्त सिलिंडर हैं। चूंकि लोग एजेंसियों पर पहुंच जा रहे हैं। इसलिए कहीं न कहीं होम डिलीवरी की व्यवस्था प्रभावित रही है। - सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी।
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