विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में शुक्रवार को दो दिवसीय जनपदीय मिलेट्स रेसिपी विकास एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें कृषि विशेषज्ञों ने मोटे अनाज के महत्व पर प्रकाश डाला और किसानों से अधिक खेती के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि सांसद रमेश चंद्र बिंद ने प्रदर्शनी में विभिन्न विभाग व संस्थाओं की ओर से मोटे अनाज से बने उत्पादों व विभागीय योजनाओं से संबंधी स्टालों का अवलोकन किया। कहा कि मिलेट्स के उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के रूप मनाया जा रहा है। मोटे अनाज का सेवन न करने से ही आज अनेक प्रकार की बीमारियां बढ़ रही हैं। मिलेट्स के उत्पाद स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं, क्योंकि इसमें रसायन का प्रयोग नहीं होता। मुख्य विकास अधिकारी यशवंत कुमार सिंह ने किसानों को मिलेट्स की खेती करने करने के लिए प्रेरित किया। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने मिलेट्स वर्ष के उद्देश्य को बताया । कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के विशेषज्ञ डाॅ. आरपी चौधरी ने किसानों से ज्वार, बाजरा, सांवा, मडुवा, कोदो, रागी आदि के बीज शोधन, बोआई के तरीके को साझा किया। डाॅ. रेखा सिंह ने उत्पाद के इस्तेमाल की जानकारी दी। डीम्ड यूनिवर्सिटी नैनी प्रयागराज के कृषि विशेषज्ञ डा. मनीष केसरवानी मिलेट्स के उत्पादन एवं बाजार के बारे में जानकारी दी। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा चंदन पांडेय मिलेट्स की रेसिपी बनाकर बाजार में विक्रय कर लाभ कमाने का तरीका बताया। बीएचयू के डा. सुधीर कुमार ने अनेक बीमारियों से निजात के लिए श्रीअन्न के महत्व को रेखांकित किया। प्रदर्शनी में आए बीएचयू के छात्र-छात्राओं ने स्टालों पर पहुंचकर मोटे अनाज के तैयार उत्पादों की जानकारी ली और स्वाद भी चखा। जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव, मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी केएन त्रिपाठी, पशु चिकित्साधिकारी डा. विनोद कुमार ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इसके पूर्व कलेक्ट्रेट से किसानों का एक समूह प्रशिक्षण के लिए वाराणसी रवाना हुआ। जहां डीएम गौरांग राठी ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। श्रीअन्न महोत्सव में विभिन्न विभाग व संस्थाओं की ओर से मोटे अनाज (श्रीअन्न) बाजरा, ज्वार सहित सांवा, कोदो आदि से तैयार किए गए तरह-तरह के लड्डू, बिस्किट, सोन पापड़ी, हलवा, सेवईं व अन्य उत्पादों ने लोगों को खूब लुभाया। बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला समूहों के स्टाल सहित अन्य संस्थाओं की ओर से लगााए गए स्टालों पर मोटे अनाज के उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे।