जिले को पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र सुधार योजना (आरडीएसएस) के तहत बिजली व्यवस्था के ढांचागत सुधार के लिए 110 करोड़ की धनराशि स्वीकृत है। इसके बाद भी कई मोहल्लों में बांस बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। नगर के काशीपुर ईदगाह के पास तार का मकड़जाल बन गया है। खंभे न होने से केबल लटक रहे हैं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। विद्युत विभाग ढांचागत व्यवस्था में सुधार दावा करता है। हकीकत इसके विपरीत है। भदोही नगर क्षेत्र में अब तक बांस बल्लियों को हटाकर विद्युत खंभे नहीं लगाए गए हैं। काशीपुर मोहल्ला मजदूर बाहुल है। मोहल्लें के लोगों का कहना है कि उनकी गुहार अधिकारी और जनप्रतिनिधियों नहीं सुनते हैं। मो.हसीब खां ने बताया कि लटकते बिजली के तारों से हमेशा खतरा बना रहता है। मुख्य सड़क से गली में बिजली का केबल खीचने के लिए अभी भी उपभोक्ताओं ने बांस बल्ली का उपयोग किया है। कहा कि आरडीएसएस योजना शुरू होने पर आशा जगी थी कि मोहल्ले में बांस बल्ली की जगह विद्युत खंभे लग जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। भदोही विद्युत उपकेंद्र के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने बताया कि आरडीएसएस स्कीम अभी भी चल रही है। मोहल्ले में खंभे लगवाने लिए जेई से कहा जाएगा। उपभोक्ताओं की ओर से भी कोई प्रार्थना पत्र आता है तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। जिले में दो डिविजन में करीब सवा दो लाख उपभोक्ता हैं।