ज्ञानपुर। बारिश के मौसम में खेतों में पानी लगने से सबसे ज्यादा प्रभाव सब्जी की फसल पर पड़ता है। सब्जी की फसलों को बचाने के लिए मचान विधि उपयोगी साबित हो सकती है। इस विधि से सब्जी की खेती कर किसान बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। जिले में 120 हेक्टेयर में सब्जी की खेती की जाती है।
किसानों के एक तबके ने गेहूं, धान की खेती छोड़कर सब्जी की खेती की तरफ कदम बढ़ाया है। जिले में पिछले कुछ दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। इससे सब्जी के खेत में बारिश का पानी लगने से पौधे गलकर सूख जाते हैं। इससे फसलों में सड़न की स्थिति बन जाती है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। ऐसे में किसान मचान विधि को अपनाकर अपनी फसलों को बचा सकते हैं। बेहतर मुनाफा भी कमा सकते हैं।
बारिश के सीजन में सब्जी के दाम आसमान छूने लगता है। जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि मचान पद्धति से खेती करने पर सब्जी की ग्रेडिंग और क्वालिटी अन्य सब्जियों की अपेक्षा उत्तम होती है। मचान विधि से खेती करने पर पौधे करीब तीन से साढ़े तीन फीट जमीन से ऊपर होते हैं। करेला, तोरई, लौकी, खीरा, नेनुआ आदि सब्जियाें की खेती मचान विधि से की जा सकती है।