भदोही। मुकद्दस रमजान का तीसरा और आखिरी अशरा चल रहा है। ईद के लिए नए कपड़ों की तैयारियों में लोग जुट गए हैं। लोग अपने
लिए नहीं लेकिन अपने बच्चों को नए नए कपड़े, जूते, टोपी, रुमाल आदि दिलाने के लिए बाजार के चक्कर लगा रहे हैं। बीते एक दशक से रेडीमेड कपड़ों की ओर युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है बावजूद इसके नगर के टेलरों के यहां काम की भरमार है। टेलरों का कहना है कि ईद से पांच दिन पहले सिलाई के लिए कपड़े लेना बंद कर देते हैं।चंद्रदर्शन के अनुसार ईद 25 या 26 मई को पड़ेगा। एक सप्ताह का समय शेष रह गया है। लोग बाजार में खरीदारी को निकलने लगे हैं। विशेष रूप से बच्चों की फरमाईश पूरी करने के लिए। इसकी बानगी मेनरोड, अजिमुल्लाह चौराहे से लेकर कटरा बाजार, चांदनी मार्केट, हबीब मार्केट, अंबर नीम पर झलक रही है। बाजार में अस्थाई दुकानों की संख्या बढ़ गई है। सड़क की पटरियों पर कपड़ों से लेकर जूतों की दुकानें सज गई हैं। रेडीमेड कपड़ो की ओर रुझान तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं के सूट्स, बच्चों के ड्रसेज की दुकानों पर महिलाओं का कब्जा है। गर्मी और उमस के चलते इफ्तार से पहले और बाद में भीड़ बढ़ जा रही है।
रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ने के बाद भी टेलरों के यहां काम की भरमार है। टेलरों के हब मशाल टाकीज रोड पर टेलर लोगों के कपड़े सिलने के लिए दिन के अलावा रात रात भर लगे हैं। टेलर गुलाम कादिर ने कहा कि रेडिमेड कपड़ों की मांग चाहे जितनी बढ़ जाए लेकिन टेलरों की डिमांड कभी घटने वाली नहीं है। कहा कि जिन्हें फिटिंग चाहिए वे टेलर को ही ढूंढते हैं। कहा कि इन दिनों हालात ये हैं कि रात रात भर कपड़े सिलने पड़ रहे हैं। वह भी ईद के पांच दिन पूर्व ही आर्डर बु
किंग बंद करनी पड़ेगी ताकि लोगों के कपड़े सिलकर दे सकें।