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Bhadohi News: ऑनलाइन पर्ची का सर्वर खराब होने से काउंटर पर लगी भीड़, मरीज परेशान

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जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर के सर्वर फेल होने के बाद हाथ से लिखकर मिले पर्ची को दिखाती मरीज। ज
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बलिया। जिला अस्पताल में मंगलवार को ऑनलाइन पर्ची का सर्वर खराब होने से मरीजों को पंजीकरण कराने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। सुबह अस्पताल खुलने के साथ ही ऑनलाइन पर्ची नहीं कटने के कारण पंजीकरण काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ बढ़ती गई। पर्ची बनवाने को लेकर कुछ देर गहमागहमी की स्थिति बनी रही। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने मरीजों और तीमारदारों को समझाकर शांत कराया।
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मरीजों की समस्या बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर तीन काउंटरों से ऑफलाइन पर्ची जारी कराई गई। इसके बाद पंजीकरण प्रक्रिया आगे बढ़ी और मरीजों को कुछ राहत मिली। हालांकि सामान्य दिनों की तुलना में पर्ची बनवाने में अधिक समय लगा और मरीजों को कतार में इंतजार करना पड़ा। दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को खासतौर पर परेशानी हुई। सादे कागज पर रजिस्ट्रेशन नंबर हाथ से लिखने के बाद डेट की मुहर लगा कर मरीजों को दी गई। शुरू में मरीज पर्ची लेकर ओपीडी व जांच कराने पहुंचे तो स्वास्थ्यकर्मियों ने वापस आनलाइन पर्ची लाने को कहा। मरीजों की शिकायत पर सीएमएस से सभी चिकित्सकों के अलावा एक्स-रे, पैथालाजी, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक, ईसीजी सहित अन्य विभागों में कर्मचारी व चिकित्सकों की जानकारी देकर पर्ची पर दवा व जांच कराने का निर्देश दिया।

जिला अस्पताल में मंगलवार को करीब 1538 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में मरीज सुबह ही ओपीडी पहुंच गए थे। ऐसे में ऑनलाइन व्यवस्था बाधित होने से पंजीकरण काउंटर पर दबाव अचानक बढ़ गया। मरीजों की भीड़ के कारण कुछ समय तक अव्यवस्था जैसी स्थिति बनी रही। ऑफलाइन पर्ची शुरू होने के बाद व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई। सरकारी अस्पतालों में कंप्यूटरीकृत पंजीकरण और अस्पताल प्रबंधन प्रणाली का उद्देश्य मरीजों के पंजीकरण समेत विभिन्न प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाना है। केंद्र सरकार के अनुसार देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में एमआइएस के तहत ई-सुश्रुत समेत विभिन्न डिजिटल प्रणालियां संचालित हैं। ऐसे में सर्वर या तकनीकी व्यवस्था में खराबी का सीधा असर मरीजों की सुविधा पर पड़ता है। सागरपाली निवासी सुंगधी का कहना था कि ऑनलाइन व्यवस्था बंद होने की जानकारी पहले से मिलती तो कई लोग भीड़ से बचने के लिए बाद में आते। अस्पताल प्रशासन की ओर से ऑफलाइन विकल्प उपलब्ध कराने से स्थिति संभली, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण पंजीकरण प्रक्रिया प्रभावित रही। इस बाबत सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि सर्वर में तकनीकी समस्या आने के कारण ऑनलाइन पर्ची नहीं बन पा रही थी। मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ऑफलाइन पर्ची जारी कराई गई।
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