ज्ञानपुर। पूर्वांचल की बड़ी व्यावसायिक मंडियों में शामिल गोपीगंज अंजही मोहाल की गल्ला मंडी हर महीने 15 करोड़ रुपये का व्यापार करने के बाद भी उपेक्षित है। यहां के करीब 300 व्यापारियों की बार-बार मांग के बाद भी मंडी की जर्जर सड़क की अब तक मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। हर दिन इस मंडी से करीब 40 से 50 लाख रुपये का व्यापार होता है। नगर का मुख्य भाग होने के बाद भी गल्ला मंडी उपेक्षित है। गोपीगंज जिले का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। यहां के अंजही मोहाल की गल्ला मंडी पूर्वांचल की बड़ी व्यावसायिक मंडियों में से एक मानी जाती है। आंकड़ों के अनुसार, गोपीगंज बड़ा चौराहा से गल्ला मंडी होते हुए कबूतर नाथ मंदिर तक करीब 300 छोटे-बड़े व्यापारी हैं। इस मंडी से प्रयागराज, मिर्जापुर, जौनपुर के अलावा जिले भर में चीनी, तेल, दलहन, तिलहन के अलावा गुड़ और आलू-प्याज का व्यापार किया जाता है।
पूर्वांचल की बड़ी मंडियों में शुमार इस मंडी की उपेक्षा का हाल यह है कि यहां करीब सात साल पहले इंटरलॉकिंग रोड बनाया गया था। उसके बाद से आज तक रास्ते की मरम्मत तक नहीं कराई जा सकी है। नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने बताया कि इस मंडी से हर दिन 40 से 50 लाख रुपये का व्यापार होता है। इस लिहाज से महीने में करीब 15 करोड़ और सालाना 180 करोड़ रुपये का व्यापार होता है।
इसके बाद भी इस मंडी की सड़क ऐसी है कि यहां चार पहिया और दो पहिया वाहन तो किसी तरह चल जाते हैं, लेकिन पैदल और साइकिल सवारों का हाल बेहाल रहता है। छोटी चौराहा से शुरू होकर गल्ला मंडी के कबूतरनाथ मंदिर तक पूरी सड़क जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच गई है। बड़ा चौराहा से शुरू होने वाले इस मार्ग से ही रामपुर गंगा घाट और रेलवे स्टेशन भी लोग जाते हैं।