जिले में 40 हजार से अधिक किसानों ने ई-केवाईसी और आधार फीडिंग नहीं कराया है। इससे उनकी प्रधानमंत्री सम्मान निधि रुक सकती है। करीब एक साल बाद भी किसानों ने ईकेवाईसी नहीं कराया। शासन ने कृषि विभाग को 546 ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर किसानों के खाता, ईकेवाईसी सहित अन्य तकनीकी खामियों को दूर करने का निर्देश दिया है। इसके लिए विभाग 30 अक्तूबर तक 546 गांवों में शिविर लगाएगा।
किसानों के लिए केंद्रीय सरकार की ओर से दिसंबर 2018 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरूआत की गई थी। इस योजना में प्रत्येक किसान को दो हजार रुपये प्रति वर्ष देने का प्रावधान है। जिले में शुरुआती दौर में 1.78 लाख किसान ही पंजीकृत हुए थे, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर दो लाख 26 हजार तक पहुंच गई। केंद्रीय और प्रांतीय स्तर से फिल्टर होने के बाद 2021 में संख्या 1.91 लाख तक पहुंची। 2022 में जमीन का सत्यापन और ई-केवाईसी कराने के बाद बड़ी संख्या में अपात्र मिले। इससे लाभार्थियों की संख्या घटकर एक लाख 84 हजार पहुंच गई। एक साल से सरकार ईकेवाईसी और आधार फीडिंग कराने का निर्देश दिया है। उप निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि राजकीय बीज गोदाम और कृषि भवन घरांव में काउंटर खोलकर कमियों को सुधारा जा रहा है। 30 अक्तूबर तक ईकेवाईसी कराने का समय मिला है। नवंबर में 15वीं किस्त जारी करने से पूर्व तकनीकी कमियों को दूर किया जा रहा है। कृषि विभाग की तरफ से 546 गांव में कैंप लगाया जाएगा। 50 गांव में कैंप लग चुका है। उन्होंने बताया कि एक लाख 31 हजार किसानों को 14वीं किस्त मिली थी। करीब 50 हजार किसानों में 40 हजार की ईकेवाईसी और 10 हजार की आधार फीडिंग नहीं हो पाई है। नवंबर में 15वीं किस्त जारी होने की संभावना है। सुधार न होने पर लाभ से वंचित रह जाएंगे।