अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम की अदालत ने हत्या के मामले में पति-पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चार साल पूर्व हुई घटना में मंगलवार को यह निर्णय आया।
घटना के मुताबिक शोभनाथ सेठ निवासी मुरैला थाना लोहता वाराणसी ने आरोप लगाया था कि उसकी लड़की सुषमा देवी पति की मौत के बाद अपने दो बच्चों के साथ भदोही कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामसहायपुर में रहती थी।
उसके परिवार वालों में घर का बंटवारा हो गया था और सुषमा के हिस्से का घर खाली करना था। जिसको जेठ पप्पू सेठ और जेठानी मुन्नी देवी खाली नहीं कर रहे थे बल्कि सुषमा को घर छोड़कर चले जाने की धमकी देते थे। इसी रंजिश में एक नवंबर 2013 को सुबह साढ़े सात बजे पप्पू और उसकी पत्नी ने मिलकर सुषमा पर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।
इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने उक्त घटना के संदर्भ में आईपीसी की धारा 302 समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। न्यायालय में आरोप पत्र भेजा गया। जहां मृतका के लड़के ने गवाही दिया।
अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद न्यायाधीश अखिलेश कुमार पांडेय ने अभियुक्त पप्पू सेठ और उसकी पत्नी मुन्नी देवी को उम्र कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी एडीजीसी सुधाकर पांडेय ने किया।