ज्ञानपुर। शासन और प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी शौचालय और आवास निर्माण को लेकर प्रधान-सेक्रेटरी संजीदा नहीं है। रिपोर्ट में तो सभी काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन हकीकत में काम अधूरे है। ग्रामीणों की शिकायत पर डीपीआरओ ने जांच की तो सुरियावां के कस्तूरीपुर गांव में आवास और शौचालय अपूर्ण मिले। जिसको संज्ञान में लेते हुए प्रधान और सेक्रेटरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दो माह पहले कस्तूरीपुर के ग्रामीणों ने जनता दर्शन में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि कस्तूरीपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण से लेकर मनरेगा के कार्यों में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है। डीएम के निर्देश पर गत दिनों जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने गांव में जांच करने के लिए पहुंचे। जांच में 296 के सापेक्ष 45 शौचालय अधूरे मिले, जबकि 11 प्रधानमंत्री आवास में पांच अपूर्ण पाए गए। आवास के तीनों किस्त भेजने और शौचालय का पूरा पैसा भेजने के बाद भी काम पूरा न होने पर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई।
उन्होंने प्रधान और सेक्रेटरी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा। चेतावनी दी कि जवाब नहीं देने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। कस्तूरीपुर इकलौता गांव नहीं है जहां ऐसी समस्या है। कई गांवों में प्रधान और सेक्रेटरी की ओर से गड़बड़ी की गई है। तहकीकात की जाए तो 60 फीसदी गावों में ऐसी स्थिति सामने आएगी। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि निरीक्षण में कई कार्य अपूर्ण मिला था, जिसके लिए नोटिस जारी किया गया है।