ज्ञानपुर। पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के शिक्षण संस्थानों के मामले की सुनवाई ज्ञानपुर एसडीएम सुनील यादव कोर्ट में शुरू हुई। लेकिन अधिवक्ताओं के शोकसभा के चलते नौ अगस्त को अगली तारीख तय की गई।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में शिक्षण संस्थान, प्यारी देवी और उनके पति को नोटिस जारी किया था। प्यारी देवी के पति की मौत हो चुकी है जबकि प्यारी देवी बेटे के साथ जबलपुर में रहती हैं। शुक्रवार को सुनवाई शुरू होने से पूर्व पूर्व सांसद के भाई लोलारख पांडेय कोर्ट में हाजिर हुए। स्मरणीय है कि एक दशक पुराने मामले में तीन साल पूर्व तत्कालीन एसडीएम रत्नाकर मिश्र की कोर्ट ने शिक्षण संस्थान की जमीन को तालाब में दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ पूर्व सांसद केे स्कूल प्रबंधन तंत्र ने कमिश्नरी कोर्ट में गुहार लगाई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि उनकी बात सुनने को मौका नहीं दिया गया। कमिश्नरी कोर्ट ने उक्त आदेश को निरस्त करते हुए तीन माह में मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया था। कमिश्नरी कोर्ट का आदेश एसडीएम कोर्ट में आने के बजाए अभिलेखागार में चला गया था। पिछले दिनों ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की तो मामला फिर खुला तो एसडीएम कोर्ट ने वादी-प्रतिवादी को नोटिस भेजकर सुनवाई शुरू की।