पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर रविवार को भीड़ के चलते यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो सके। ट्रेन छूटने के बाद टिकट वापसी न होने पर यात्रियों ने आरक्षण केंद्र पर हंगामा शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ते देख स्टेशन के अधिकारियों ने पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। खबर मिलने पर एसडीएम, सीओ समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। समझाने के बाद विवाद शांत हुआ।
रक्सौल से मुंबई तक चलने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस लोकमान्य तिलक ट्रेन 7:45 बजे सुबह अपने नियत समय से कुछ देरी से ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर पहुंची। जो खचाखच भरी हुई थी। स्टेशन पर यात्रा के लिए इंतजार कर रहे यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो सके और ट्रेन चली गई। यात्रा न कर पाने पर टिकट वापसी के लिए आरक्षण केंद्र में भारी भीड़ लगी गई। यात्रियों और बुकिंग बाबुओं से किचकिच होने लगी। इस दौरान जीआरपी के जवान मूक दर्शक बनकर हल्ला-गुल्ला सुनते रहेे। टिकट वापसी को लिए पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी लंबी कतार लग गई। ट्रेन के गुजरे तीन घंटा बीतने पर टिकट वापसी बंद कर दी गई। जिस पर यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पहुंची पुलिस यात्रियों को शांत कराने के लिए घंटों मशक्कत की। टिकट वापस नहीं होने से नाराज रामजी, मुरारी, रामशिरोमणि, सुचित्र, राकेश, रोशन समेत अन्य यात्रियों ने इसे रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही बताया। मामले की जानकारी होने पर उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर सुनील कुमार, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर रामकरन, थानाध्यक्ष सुनील दत्त दूबे मौके पर पहुंचकर आक्रोशित यात्रियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। स्टेशन अधीक्षक अशोक वर्मा ने बताया कि बिक्री के तीन घंटे के अंदर के टिकट वापस होते हैं। आक्रोशित यात्रियों को उसी टिकट पर सुपरफास्ट का टिकट लेने की बात समझाई गई। तब जाकर मामला संभल सका।