भदोही। कोतवाली क्षेत्र के जयरामपुर गांव में बुधवार को दिन के 11.30 बजे बोलेरो के धक्के से घायल बाइक सवार की वाराणसी ट्रामा सेंटर पहुंचने से पहले मौत हो गई। जयरामपुर निवासी मृतक जावेद अली (38) उसी गांव का रोजगार सेवक था। वाराणसी से शव को घटनास्थल पर लाकर साथी रोजगार सेवकों ने भदोही-औराई मार्ग जाम कर दिया। शाम छह बजे एसडीएम औराई के आश्वासन पर लोग शव देने को तैयार हुए। रोजगार सेवक हेलमेट नहीं पहने हुए था।
घटना के संबंध में बताया गया है कि इलियास का पुत्र जावेद किसी काम से बाइक से रजपूरा आया था। लौटते समय जयरामपुर गांव के मोड़ पर वाहन घुमाने लगा तभी रजपूरा की ओर से तेज रफ्तार बोलेरो जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जावेद की बाइक हवा में उड़ गई। इस बीच उसके सर में गंभीर चोट लग गई। आसपास के लोग उसे रजपुरा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने बताया कि वे लोग घायल जावेद को लेकर ट्रामा सेंटर नहीं पहुंच पाए थे कि हालत खराब देख कर पोल्ट्री फार्म (वाराणसी) स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वहां से शव को वापस घटनास्थल पर लाकर लोगों ने चक्का जाम कर दिया। चक्काजाम की सूचना पर भदोही पुलिस के अलावा एसडीएम औराई ज्ञानप्रकाश यादव मौके पर पहुंचे। जाम लगाए लोगों ने उनसे मृतक की पत्नी को रोजगार सेवक पद पर नियुक्ति की मांग की। आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ और तब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई। जाम में विवेक चौधरी, धीरेंद्र गौतम, सुरेश तिवारी, रोशन अली, देवेंद्र यादव, नरेंद्र यादव, मिथिलेश दूबे, विकास पांडेय, शैलेश पांडेय पप्पू तिवारी, विकास यादव, जावेद अहमद, रामबाबू जायसवाल, नसीर अहमद, नसीम अहमद, ओमप्रकाश यादव, सोहन पाल, कमलेश यादव आदि रहे।
दो वर्ष से नहीं मिला है वेतन
भदोही। सड़क जाम किए रोजगार सेवकों का कहना था कि दो वर्ष से उनका वेतन नहीं मिला है। मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। उन्हें लेकर उसकी पत्नी कहां जाएगी। उसकी पत्नी को न केवल उसका बकाया वेतन दिया जाए बल्कि शासन की और योजनाओं के तहत पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता की जाए।