ज्ञानपुर। कक्षा छह में पढ़ने वाली 11 साल की बालिका के साथ हैवानियत करने वाले बलात्कारी को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने पीड़ित बालिका को पुनर्वास के लिए राज्य निधि से क्षतिपूर्ति प्रदान करने का आदेश भी दिया है। तकरीबन डेढ़ वर्ष पुराने प्रकरण में कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया।
गोपीगंज थानाक्षेत्र के एक गांव में गत वर्ष 23 फरवरी को रात्रि आठ बजे के आसपास यह घटना उस समय अंजाम दी गई, जब परिजन घर के एक बुजुर्ग की तेरहवीं के कार्यक्रम में व्यस्त थे। छठवीं में पढ़ने वाली बालिका के चाचा के यहां राजगीर का काम कर रहे ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के लखनो टकटइयां गांव निवासी अखिलेश पुत्र श्यामलाल ने मुंह दबाकर बालिका को उठा लिया और पहले पुआल के ढेर और फिर गेहूं के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इससे बालिका की हालत ज्यादा खराब हो गई और वह बेहोश हो गई। काफी देर बाद होश आने पर वह लौटकर घर आई और परिजनों को बताया। इसके बाद सीएचसी गोपीगंज से उसे मिर्जापुर अस्पताल और फिर वहां से हालत नाजुक देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया गया, जहां तकरीबन 18 दिन वह जिंदगी और मौत से जूझने के बाद ठीक होकर घर आई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ ही बालिका के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। शनिवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पीएन श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई करने के बाद अखिलेश को बालिका के साथ दुष्कर्म का गुनहगार पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाए। साथ ही आदेश दिया कि बालिका के पुनर्वास के लिए राज्य निधि से उसे यथोचित क्षतिपूर्ति भी दी जाए। अभियोजन पक्ष से पैरवी शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने की।