मऊ। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरुक करने के लिए हर महीने कम से कम एक बार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को यस टू लाइफ और नो टू ड्रग्स की शपथ दिलाई जाएगी।
प्रत्येक विद्यालय में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए डेडिकेटेड टीम गठित की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त और 422 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। विभाग की तरफ से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाने की कवायद तेज हो गई है।
विद्यालयों में आयोजित होने वाली जागरूकता गोष्ठी में नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देकर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रत्येक विद्यालय में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए डेडिकेटेड टीम गठित की जाएगी। टीम विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी देगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि स्कूल, कॉलेजों में नियमित निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया गया है। दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है। संवाद