सुरियावां। ब्लॉक के बलीकापुरा (बलीपुर) गांव को 40 सालों बाद नक्शा नसीब होगा है। बीते 40 सालों से नक्शा न होने से एक तरफ गांव में विवाद बढ़ रहा था। वहीं दूसरी तरफ गांव के विकास कार्य भी प्रभावित थे। गांव में अतिक्रमण भी बढ़ता जा रहा था। गांव निवासी धर्मराज यादव के लंबे संघर्ष के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर गांव का नक्शा तैयार हो सका है। नक्शा बनाए जाने के बाद गांव के लोगों में हर्ष का माहौल है।
सुरियावां ब्लॉक का बली का पुरा गांव बीते 40 सालों से नक्शे से गायब था। इसको लेकर गांव के लोगों ने करीब दो दर्जन से अधिक बार अधिकारियों के यहां चक्कर लगाया और नक्शा स्वीकृति की मांग थी, लेकिन वहां से केवल एक ही जवाब मिलता था कि नक्शा बनाया जा रहा है। सालों तक ऐसा चलते रहने के बाद गांव निवासी धर्मराज सिंह यादव ने इसको लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ने की ठानी। उन्होंने गांव के नक्शे को लेकर 19 मई, 2022 को अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। मामले में राज्य सरकार के साथ डीएम व भदोही एसडीएम को पार्टी बनाया गया। कोर्ट ने 14 जुलाई, 2022 को मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा। जिस पर उन्होंने इसके लिए समय मांगा। न्यायालय ने 13 मार्च को 2023 को कोर्ट ने 45 दिनों के अंदर नक्शा जारी करने का निर्देश दिया। इसके बाद 15 मई 2023 को एडीएम को तलब कर हर हाल में याचिकाकर्ता को गांव का नक्शा उपलब्ध कराने को कहा। 30 जुलाई 2024 को गांव का नक्शा याचिकाकर्ता को सौंपा गया। जहां उन्होंने इसे ऑनलाइन करने के साथ गांव के हर व्यक्ति को इसे मांगने पर उपलब्ध कराने की मांग की। जिस पर कोर्ट ने एसडीएम को इस संबंध में आदेश दिया। करीब 40 सालों के लंबे संघर्ष के बाद गांव का नक्शा बनकर तैयार हो गया है। गांव के धर्मराज सिंह यादव के संघर्ष की लोगों ने सराहना की।
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28 रास्तों पर नहीं बन सकी सड़क
गांव का नक्शा न होने के कारण बीते कई सालों से गांव के विकास कार्य रुका हुआ था। गांव के कुल 28 रास्तों पर सड़क नहीं बन सकी थी। वहीं गांव का प्राथमिक विद्यालय, पेयजल परियोजना के साथ अन्य जो भी विकास कार्य होने थे। वे दूसरे गांवों में चले जाते थे।
क्या बोले धर्मराज यादव
गांव के नक्शे के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाले धर्मराज यादव ने बताया कि नक्शा न होने से गांव में आपसी विवाद लगातार बढ़ रहे थे। कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। बताया कि अब वे गांव का प्राथमिक विद्यालय जो दूसरे गांव में चला गया है। उसके लिए भी याचिका दाखिल करेंगे।