जीवन दायनी स्वास्थ्य विभाग/एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के नाम संबोधित छह सूत्रीय मांगपत्र सीएमओ को सौंपा। इस दौरान चेतावनी भी दी कि यदि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने उनकी मांगे पूरी नहीं की तो पूरे प्रदेश में एकजुट होकर संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस संबंध में जिलाध्यक्ष हनुमान पांडेय ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण तक एडवांस लाइफ सपोर्ट अंतर्गत 108, 102 एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया। लेकिन अब मनमाने ढंग से स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी ऐसे संस्था को देने जा रहा है जिसका कोई औचित्य ही नहीं है।
इस के अलावा बताया कि अभी नई संस्था पूरी तरह से चलन में भी नहीं आ पाई है लेकिन नियुक्तियों के लिए आवेदन पत्र मांगा जा रहा है। बताया कि पुराने और प्रशिक्षित कर्मचारियों के रोजी-रोटी पर संकट खड़ा करने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मांगें भी जिनमें मुख्य रुप से संस्था बदलने पर प्रशिक्षित कर्मचारियों को न हटाया जाए, कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति मिले, महामारी में जान गंवाने वाले आश्रितों को 50 लाख की बीमा सहायता, मानदेय में बढ़ोत्तरी की जाए, हेल्थ मिशन का लाभ न मिलने तक ओवर टाइम चार घंटे और महंगाई भत्ता 23000 दिया जाए, कर्मियों का उत्पीड़न बंद कर प्रशिक्षण के समय डीडी की बाध्यता समाप्त होने की मांग शामिल है।