ज्ञानपुर (भदोही)। लॉकडाउन में मुश्किलें झेल रहे गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए लोगों के आगे आने का सिलसिला तेज हो गया है। कोई सीएम के विवेकाधीन कोष में मदद कर रहा है तो कोई गरीब बस्तियों में राशन और भोजन पैकेट बांट रहा है। बृहस्पतिवार को भी प्रशासन संग सामाजिक संगठनों के लोगों ने जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई।
लॉकडाउन के 16वें दिन गोपीगंज नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद दास गुप्ता ने काली देवी मोहाल में गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया। शब-ए-बरात के दिन कालीन निर्यातक रिजवान अंसारी ने 2500 परिवारों तक जरूरी अनाज, सब्जी आदि पहुंचाया। इस दौरान काजी हाउस, पूरेटीका, जौहरपुर, लालापुर, फूलबाग, मेवाड़ापुर, भगवतपुर, भिखारीपुर समेत कई गांवों में असहायों तक मदद पहुंचाई। कलनुआं, बिहसपुर आदि में अजय मिश्रा और अभय मिश्रा ने लंच पैकेट वितरित कराया। व्यापार मंडल गोपीगंज की ओर से 45 जरूरतमंदों तक खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल, दिनेश कुमार गुप्ता, राजेश, विक्की आदि रहे। अतर सिंह रूरल डेवलपमेंट एंड एजुकेशनल सोसाइटी की ओर से पांच सौ लंच पैकेट गरीबों और जरूरतमंदों में बांटे गए। संस्था के मनीष प्रताप सिंह ने स्वच्छता रखने और घर से बाहर न निकलने की लोगों से अपील की। चौरी के वेदमनपुर में फंसे फेरीवालों तक एसडीएम भदोही आशीष मिश्रा ने राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान 13 छोटे बच्चों को दूध खरीदने के लिए पैसे भी दिए। मोढ़ के जगदीशपुर गांव में रेणुका होटल के संचालक शिव नारायण दूबे ने 150 लोगों को लंच पैकेट वितरित कराया। इस मौके पर गोपीचंद्र तिवारी, दिनेशचंद्र पाठक, दयाशंकर तिवारी, विनयपति त्रिपाठी, गिरीश कुमार तिवारी आदि रहे। औराई के त्रिलोकपुर नहरा के समीप गुप्ता पाली क्लीनिक की ओर से गरीबों को राशन उपलब्ध कराया गया। कोतवाली प्रभारी रामजी यादव की देखरेख में डॉ. नीरज गुप्ता और जेपी गुप्ता ने रशन वितरण किया। मोढ़ क्षेत्र के रमयनपुर गांव में युवा समाजसेवी शशांक मिश्रा ने 300 लोगों को लंच पैकेट पहुंचाया। इस मौके पर पंकज सिंह, सुनील, मोनू सिंह आदि रहे।
पाली। कोरोना से जंग में अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार लोग सेवा दे रहे हैं। चिकित्सक, बैंककर्मी, पुलिसकर्मी और वेंडर जोखिम उठाकर दिन-रात देश सेवा में लगे हैं। इसी की एक बानगी हैं सुरियावा ब्लॉक के महजूदा गांव निवासी वीरेंद्र सिंह, जो कि बैंक मित्र के तौर पर कोरोना योद्धा की तरह लगे हुए हैं। बैंक में रुपये निकालने वालों की सेवा पूरी शिद्दत से करते हैं। बताते हैं कि आम जनता की सेवा के लिए अपने परिवार का दूर से ही हालचाल लेकर फिर काम में लगना पड़ता है। वह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया महजूदा के सामने अपने ऑफिस में पूरे दिन लगे रहते हैं। बताते हैं कि जितना कमीशन मुझे मिलता है, उससे 10 गुनी आमदनी अगर मैं अपनी खेती से निकाल सकता हूं, गेहूं की कटाई का सीजन से ज्यादा जरूरी इस विपत्ति की घड़ी में देश सेवा प्रतीत हो रही है। मेरी वजह से अगर किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाए तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है।
चोर उठा ले गए राशन, तहसीलदार ने पहुंचाया
ज्ञानपुर। लॉकडाउन में भी चोरी की घटनाएं हो रही है। सिंहपुर गांव की दलित बस्ती की शिखा देवी के घर दो दिन पूर्व चोरी हो गई। उसके समक्ष पांच बच्चों संग जीवन यापन मुश्किल हो गया। बृहस्पतिवार को महिला तहसील पहुंची तो तहसीलदार ज्ञानपुर देवेंद्र यादव उसे अपने वाहन से घर पहुंचाए और खाने की व्यवस्था की। उससे कहा कि लॉकडाउन तक वह भोजन की व्यवस्था कराते रहेंगे। इसके बाद वह मुसहर बस्ती में जाकर बच्चों को बिस्कुट और खीरा दिया।
10 गांवों में पहुंचा पांच हजार लंच पैकेट
ज्ञानपुर। लॉकडाउन में कोई भूखा न रहे, इसलिए ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र की ओर से छह अप्रैल से 10 से 15 गांवों में लंच पैकेट पहुंचाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को डीघ के गोधना, दरवांसी, ऊंज, मुंगरहा, भावापुर, कालिकानगर, गोपालापुर, कलिंजरा, बारीपुर, केवटाहीं और बिरनई गांव में नव निर्माण इंस्फ्राक्चर के निदेशक विष्णु मिश्रा ने पांच हजार लंच पैकेट पहुंचाया। इस मौके पर राजितराम यादव, श्रीनिवास चतुर्वेदी आदि रहे।