ज्ञानपुर। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण करीब नौ महीने से बंद चल रहे परिषदीय स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा नहीं हो सकी। ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही अब शिक्षक बच्चों के कौशल का आकलन अभ्यास पुस्तिका और वर्कशीट पर कर रहे हैं, हालांकि गिने-चुने स्कूलों में ही यह व्यवस्था प्रभावी है। जिससे 50 फीसदी से अधिक बच्चे पढ़ाई से वंचित हो जा रहे हैं।
जिले में 146 कंपोजिट स्कूल ( प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूल एक परिसर) के अलावा 892 प्राथमिक एवं ढाई सौ से अधिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें एक लाख 37 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मार्च से ही स्कूल बंद चल रहे हैं। नए शिक्षा सत्र अप्रैल से न्याय पंचायत स्तर पर मिशन प्रेरणा एप के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा स्कूलों में शुरू की गई, लेकिन जिन बच्चों या उनके अभिभावक के पास एंड्राएड मोबाइल नहीं है वे पठन-पाठन से वंचित हो जा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय चितईपुर, प्राथमिक विद्यालय चककलूटी, कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय दानूपुर पश्चिमपट्टी सहित करीब 100 स्कूलों के शिक्षक बच्चों को शिक्षा देने के लिए घर-घर भी पहुंच रहे हैं।
अभ्यास पुस्तिका और वर्कशीट के माध्यम से बच्चों को प्रतिदिन काम दे रहे हैं और दूसरे दिन उनके कौशल का आकलन कर रहे हैं। स्कूल बंद होने से अर्द्धवार्षिक परीक्षा नहीं हो सकी। वार्षिक परीक्षा को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभाग का मानना है कि सभी बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, लेकिन धरातल पर हकीकत जुदा है। 50 फीसदी से अधिक बच्चे पठन-पाठन से वंचित हो रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। परीक्षा को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है।