ज्ञानपुर। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन की ओर से लागू कोरोना कर्फ्यू के तीसरे दिन सोमवार को भी बाजार सुनसान रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और दुकानों के शटर गिरे रहे। मेडिकल, चिकित्सालय की ही दुकानें खुली रहीं। मतगणना होने से सड़कों पर इक्के दुक्के-वाहन नजर आए। व्यवस्था पर नजर रखने के लिए तिराहे-चौराहे पर पुलिस के जवान तैनात रहे, हालांकि लोगों की सतर्कता से उन्हें अधिक परेशान नहीं होना पड़ा।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते रफ्तार को रोकने के लिए शासन-प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। कोरोना कर्फ्यू के तीसरे दिन दुकानें बंद होने से लोग चाय पानी के लिए तरस गए। अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों की भीड़ जमीं रहीं। कोई दवा के लिए मेडिकल स्टोर का चक्कर लगा रहा था तो कोई मरीज को भर्ती कराने की कवायद में परेशान था। वहीं कोरोना संक्रमण से भयभीत लोग बंदी के दौरान खुद को घर में रहना उचित समझा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते एहतियातन जिले में तीन दिन के लिए कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। इस दौरान गोपीगंज, ज्ञानपुर, पुरानी बाजार, भदोही, दुर्गागंज, पाली, सुरियावां, जंगीगंज, सुभाष नगर, ऊंज, कुरमैचा, नवधन वहिदा नगर, माधोसिंह, जयरामपुर, घोसिया, उगापुर, कठारी, सहसेपुर, चौरी, महाराजगंज, बाबूसराय सरोई, दानू पुर, मतेथू, अभोली, गोसाई बाजार, सुंदर पुर नागमल पुर, आदि बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
संक्रमण के बढ़ते मरीजों की संख्या के साथ मौत दर में बढ़ोत्तरी देख हर कोई खुद सावधानी बरत रहा है। राजमार्ग पर चार पहिया वाहनों के बसों का आवागमन सुचारु रूप से जारी रहा । जबकि बाजारों में इक्का दुक्का लोग ही बाइक से दवा या फिर अन्य किसी महत्वपूर्ण कार्य से निकलते दिखे। बंदी के चलते मतगणना में लगे एजेंट या उनके समर्थकों का बुरा हाल रहा। उधर आवागमन बंद होने से राहगीरों को अपने अपने गंतव्य तक जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शासन की ओर से जारी तीन दिवसीय कोरोना कर्फ्यू को दो दिन और बढ़ा दिया गया। अब बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे बाजार खुलेंगे। ऐसे में दो से तीन दिन के लिए खाद्य सामग्री, सब्जी आदि रखने वालों की चिंता बढ़ गई है। दुध, मेडिकल आदि की दुकान खुली रहेंगी, हालांकि किराना, मिठाई, कपड़े आदि की दुकान बंद रहेंगी। इससे मांगलिक सीजन में लोगों को परेशानी होगी। इसी तरह तीन दिन की बंदी के मद्देनजर खान-पान का इंतजाम करने वालों की भी व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।