काशी नरेश विश्वविद्यालय का मेन गेट। संवाद
ज्ञानपुर। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय अस्तित्व में आ चुका है। यहां कुलपति से लेकर कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक तक की तैनाती हो चुकी है, लेकिन 20 दिन पूर्व नियुक्त किए गए परीक्षा नियंत्रक केशलाल ने अब तक पदभार ग्रहण नहीं किया। इससे प्रथम सत्र की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। 20 दिन पहले पूर्वांचल विश्वविद्यालय से उनका स्थानांतरण केएन विवि में हुआ था।
जिले के युवाओं के लंबे संघर्ष और सालों तक चली मांग के बाद काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय का सपना पूरा हुआ है। मुख्य गेट पर काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का बोर्ड हटाकर काशी नरेश विश्वविद्यालय लिख दिया गया है। कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक जैसे प्रमुख पदों पर तैनाती की जा चुकी है।
शासन से प्रो. उमा श्रीवास्तव कुलपति बनाई गई हैं। जिन्होंने नियुक्ति के तत्काल बाद पदभार ग्रहण कर लिया था। इसके बाद कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने भी पदभार ग्रहण कर लिया। करीब 20 दिन पहले शासन से राज्य विश्वविद्यालयों के 14 कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और सहायक कुलसचिवों का स्थानांतरण किया गया था। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव केशलाल को काशी नरेश विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। शासनादेश के 20 दिन बाद भी उन्होंने अभी पदभार ग्रहण नहीं किया।
विश्वविद्यालय बनाओ संघर्ष मोर्चा ने जताई नाराजगी
विश्वविद्यालय बनाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने इसको लेकर लेकर नाराजगी जताई है। मोर्चा के शिवम शुक्ला, अतुल तिवारी, आनंद पांडेय, अजीत पांडेय, धीरज दुबे आदि ने आरोप लगाया कि बड़े शहरों में नियुक्ति के बाद केएन विवि में नियुक्ति जिम्मेदारों को अच्छी नहीं लग रही। इसलिए यहां आने से कतरा रहे हैं। इसके पहले विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर विकास की नियुक्ति हुई थी। उन्होंने जॉइन भी कर लिया, लेकिन बाद में उनका स्थानांतरण हो गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने यहां से अपना स्थानांतरण करा लिया। वहीं अब परीक्षा नियंत्रक 20 दिनों से नहीं पहुंचे हैं।
वर्जन-
परीक्षा नियंत्रक अगले सप्ताह पदभार ग्रहण करेंगे। पूर्वांचल विवि से उन्हें आवश्यक कार्य के कारण रिलीव नहीं किया गया था, लेकिन अब उनका मैसेज मिला है। वे अगले हफ्ते आएंगे।
- प्रो. उमा श्रीवास्तव, कुलपति, केएन विवि।