ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुररोड स्टेशन पर डाउन से आई तीन विशेष ट्रेनों से उतरे 23 प्रवासियों ने जांच कराकर आगे बढ़े और लगभग तीन सौ से अधिक प्रवासी बिना जांच कराए अगल-बगल के रास्तों से अवैध आटो स्टैंड पहुंचे और घर की ओर चल दिए। कोरोना काल में ऑटो चालक भी मनमाना किराया भी वसूल रहे हैं।
दो सप्ताह से स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के दो कर्मचारी स्टेशन के मुख्य गेट पर प्रवासियों की जांच, पंजीकरण करने में लगे हैं। बावजूद इसके बड़ी संख्या में प्रवासी प्लेटफार्म नंबर एक के पश्चिमी छोर से निकल कर निजी और रिजर्व वाहनों से घर पहुंचने में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहते। जीआरपी और आरपीएफ भी इन प्रवासियों को जांच कराने के लिए जागरूक नहीं कर रही है।
सुबह से देर रात तक पटना, बिहार, गोरखपुर, कोलकाता, मुंबई, दि ल्ली, अहमदाबाद, सूरत, सिकंदराबाद, उधना, रामेश्वरम आदि क्षेत्रों से आने वाली ट्रेनों के समय दर्जनों ऑटो खड़े रहते हैं। सुभाषनगर, गोधना, अइनछ, दानूपुर, मतेथू, कोइरौना, सीतामढ़ी, भदरांव, बारी, इटहरा, ऊंज, कुरमैचा, सुधवैं, कलापुर, बरईपुर, ज्ञानपुर, पाली, मझगवां आदि गांवों तक जाने के लिए प्रवासी यात्रियों से मनमानी किराया लेना आम बात रहता है। पूर्व के दिनों में यात्रियों के साथ हो चुकी ठगी के बावजूद न रेलवे पुलिस ऑटो चालकों पर शिकंजा कस रही है न गोपीगंज कोतवाली पुलिस। इस संबंध में जीआरपी के उपनिरीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि मुख्य गेट के सामने खड़े होने वाले ऑटो को बार-बार हटाकर कार्रवाई की चेतावनी दी जा चुकी है। फिर भी पश्चिमी छोर पर इनकी दस्तक है न मानने पर अब अभियान चलाया जाएगा।