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छह माह से वृहद गोशाला का निर्माण लटका

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ज्ञानपुर/घोसिया। औराई ब्लाक में स्थाई और वृहद गोशाला का निर्माण लगभग छह माह से लटक गया है। 1.20 करोड़ की लागत वाली इस गोशाला का शिलान्यास औराई विधायक उदयकरनपुर में कर चुके हैं। गोशाला का निर्माण होने पर 200 गोवंश प्रदेश सरकार की गाइड लाइन में संरक्षण लेंगे ही, विषम परिस्थितियों में संरक्षण समिति 300 की संख्या तक गोवंश को संरक्षण देने का खाका तैयार किया है लेकिन कार्यदायी संस्था आरईएस की कार्यप्रणाली विभागीय सक्रियता पर सवाल खड़ा कर रहा है। सीवीओ डा.जय सिंह ने बताया कि वृहद गोशाला के लिए लगभग एक हेक्टेयर जमीन सुरक्षित कराकर प्रथम किस्त में 60 लाख रुपये भी कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराया जा चुका है। निर्माण पूरा होने पर सड़कों और खलिहानों में विचरण करने वाले गोवंश को संरक्षित कराया जा सकता है।
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घोसिया। औराई ब्लाक में नटवां और हमीदपट्टी के गोशाला में लगभग दो सौ गोवंश संरक्षित हैं, लेकिन बाजार, खेत में इधर-उधर भटकने वाले गोवंशों के लिए अभी तक सार्वजनिक तौर पर पेयजल की व्यवस्था नहीं मिल सकी है। व्यापारी हरिहरनाथ ने संरक्षण समिति पर सवाल उठाया है कि एक ओर प्रदेश सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात की जाती है। दूसरी ओर उपेक्षा करने में जिम्मेदार ही पीछे नहीं रहते। गर्मी के मौसम में हलक को तर करने के लिए छुट्टा गोवंश कभी बाजारों में दिखते हैं तो कभी पालतू पशुओं के स्थान पर। गर्मी से बेहाल गोवंश को भगाने के चक्कर में जनमानस उनके गुस्से को झेल कर अस्पताल पहुंचते हैं।
जयरामपुर-घोसिया, माधोसिंह, त्रिलोकपुर, उगापुर, कठारी क्षेत्र से प्रमुख बाजार गोपीगंज, औराई चौराहा, बाबूसराय, महराजगंज की ओर जाने वाले ग्राहक रामनाथ, डब्बू, सुरेंद्र, अनिल कुमार, महेश नारायण ने कहा कि छांव और पानी की तलाश में छुट्टा पशु सड़कों पर झुंड में मिलते हैं। इनके लिए हाईवे समेत सहायक मार्गों के किनारे पेयजल की सार्वजनिक व्यवस्था होनी चाहिए। सीवीओ डा.जय सिंह ने बताया कि उक्त व्यवस्था के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था करने में देर नहीं लगेगी।
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