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Bhadohi News: हाईवे पर आस्था का संगम, भदोही में दिखा महाकुंभ का वैभव

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ज्ञानपुर। संगम नगरी प्रयागराज में सोमवार से पौष पूर्णिमा के साथ ही महाकुंभ का भव्य शुभारंभ हो गया। प्रयागराज को जोड़ने वाले वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर आस्था का संगम देखने को मिल रहा है। सोमवार को हर दिन की अपेक्षा डेढ़ गुना अधिक वाहनों का दबाव रहा। इसके अलावा साधु-संन्यासी, गृहस्थों के साथ युवाओं का रेला प्रयागराज की ओर जाता दिखा।
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आस्था के इस महाकुंभ में हर कोई डुबकी लगाने को आतुर है। उनकी श्रद्धा ऐसी है कि कोई 425 किमी स्केटिंग करके जा रहा है तो कोई साइकिल से ही 140 किमी की दूरी तय रहा है। इसके अलावा गृहस्थ परिवार के साथ कल्पवास के लिए जाते दिख रहे हैं। प्रयागराज जाने वाले प्रमुख मार्ग होने के कारण जिले की 42 किमी दायरे में कम से 25 से 30 कालीनों और नाश्ते-चाय की अस्थायी दुकानें भी खुल गई हैं। कुल मिलाकर संगम नगरी के महाकुंभ का वैभव भदोही में भी देखने को मिल रहा है। जिले की ऊंज व बाबूसराय दोनों सीमाओं पर कड़ी चौकसी है।
20 साल के धीरज 425 किमी स्केटिंग कर पहुंचे प्रयागराज
बिहार के हाजीपुर निवासी 20 वर्षीय धीरज कुमार स्नातक के विद्यार्थी हैं। हाईवे पर ये भगवान झंडा लहराते हुए स्केटिंग करते चल रहे थे। इस बीच अमर उजाला की टीम के रोकने पर रुकते ही बोले जय श्रीराम। पूछने पर बताया कि 425 किमी यात्रा कर संगम में डुबकी लगाने जा रहे हैं। बीते 10 जनवरी को वे अपने घर पर मां रानी देवी और पिता पवन साहनी का आशीर्वाद लेकर प्रयागराज के निकले थे। आज चौथा दिन है।
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बताया कि रात तक वे संगम नगरी पहुंच जाएंगे। इसके पहले 2023 में अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में वे 350 किमी स्केटिंग करते हुए गये थे। उनके साथ उनके तीन दोस्त उनकी देखभाल के लिए बाइक से चल रहे हैं। बताया कि सनातन के प्रति लोगों की आस्था को मजबूत करने की प्रेरणा से वे यह यात्रा कर रहे हैं।
140 किमी साइकिल से यात्रा कर संगम में लगाएंगे डुबकी
बनारस के मिर्जामुराद निवासी पप्पू दास (64) और लालचंद दास (63) साइकिल से संगम में डुबकी लगाने जा रहे हैं। बनारस के सीरगोवर्धन स्थित रविदास मंदिर के सेवक पप्पू और राजू 140 किमी यात्रा साइकिल से पूरी करेंगे। पीठ पर त्रिशूल के आकार का अस्त्र और साइकिल पर भगवा झंडा लगाए दोनों की ओर से बरबस ही लोगों की नजर दौड़ जा रही है। बताते हैं कि पतित पावनी मां गंगा में डुबकी लगाना। किसी भी उपलब्धी से कम नहीं है। इसी तरह मध्यप्रदेश के संजय का पूरा परिवार एक वाहन पर सवार होकर कल्पवास के लिए जा रहा था। उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति का उत्थान हो रहा है। एक पवित्र समय में इसमें शामिल होने पर बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं होगा। बताया कि वे पूरे परिवार के साथ एक महीने तक मेला क्षेत्र में रहेंगे।
हाईवे की दोनों पटरियों पर सजी अस्थायी दुकानें
प्रयागराज में महाकुंभ को लेकर हाईवे की दोनों पटरियों पर कम से कम 25 से 30 अस्थायी दुकानें सज गयी है। सबसे अधिक कालीनों की दुकानें सजी हैं। जहां अधिकतर व्यापारी माघ मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आसनी इत्यादि बेचते नजर आ रहे हैं। लालानगर टोल प्लाजा के पास दुकान लगाये कृष्णा यादव ने बताया कि महाकुंभ या कुंभ के समय वे अपनी दुकान लगाते हैं। वैसे गांव में उनकी अपना बिजनेस है। बताया कि कई श्रद्धालु जाते समय तो आसनी ले जाते हैं, लेकिन लौटते समय कालीनें भी खरीदते हैं। इसी तरह घर में चाय की दुकान लगाने वाले विपिन बताते हैं कि इन दिनों श्रद्धालु बढ़े है। एक महीने में कुछ कमाई हो जायेगी। इसी को ध्यान में रखकर दुकान लगाया है।
डेढ़ गुना बढ़े वाहन
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे हर दिन की अपेक्षा सोमवार को डेढ गुना अधिक वाहनों का दबाव रहा। आम दिनों में औसतन हर दिन 12 हजार के आसपास छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है, लेकिन शाही स्नान और मकर संक्रांति का स्नान पर्व होने के कारण सोमवार को डेढ़ गुना अधिक वाहन हाईवे पर दिखाई दिये। छोटे वाहनों की संख्या अधिक रही। टोल प्लाजा प्रबंधक श्यामबीर सिंह यादव ने बताया कि टोल विशेष स्नान पर्व को देखते हुए निशुल्क है। ऐसे में सटीक आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन हर दिन अपेक्षा डेढ़ गुना अधिक वाहन हाईवे पर रहे। कम से कम 16 से 17 हजार गाड़ियां इधर से गुजरी होंगी। जिसमें अधिकतर छोटे वाहन थे।
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