ज्ञानपुर। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लिंग परीक्षण के विवादों के बीच दो साल में तीन मशीनें गायब हो गई हैं। जिसको स्वास्थ्य महकमा ढूंढ नहीं पा रहा है।
तत्कालीन एसीएमओ और नोडल अधिकारी डॉ. जेसी सरोज की जांच में पुष्टि होने के बाद भी संचालकों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर तमाम सवाल भी उठने लगे हैं।
जिले में कुल 44 निजी एवं सरकारी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हैं। इसमें आठ सेंटरों के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इन सेंटरों पर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच होती है, लेकिन कुछ सेंटरों पर नियम के विरुद्ध लिंग परीक्षण का भी मामला सामने आया।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच शुरू हुई तो भदोही डायग्नोस्टिक सेंटर इंदिरा मिल भदोही, साक्षी डायग्नोस्टिक सेंटर कोईरौना और जनता डायग्नोस्टिक सेंटर भदोही में कई कमियां मिली। तीनों मशीन संचालकों पर सख्ती की तैयारी शुरू की गई, लेकिन उसके पूर्व ही मशीनें गायब हो गई।
इसकी जांच नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. जेसी सरोज की जांच में पुष्टि भी हो चुकी है। वह मशीनें कहां गई 2023 से लेकर अब तक स्वास्थ्य विभाग पता नहीं लगा सका, जबकि पीसीपीएनडीटी एक्ट में यह तय है कि अगर अल्ट्रासाउंड मशीन में खराबी भी होगी तो सुधार के लिए बिना डीएम की अनुमति के वह कहीं नहीं भेजी जा सकती।
ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिरकार संचालकों पर विभाग सख्ती क्यों नहीं कर रहा है या जान बूझकर मशीनें हटाई गई हैं।
सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने कहा कि मशीनों को लेकर सूचना डीएम के पास भेजी जा चुकी है। प्रबंधकों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। बताते चलें कि अभी हाल में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लिंग परीक्षण को लेकर एसीएमओ डॉ. विवेक श्रीवास्तव की ओर से वीडियो वायरल किया गया था।
जिसमें सीएमओ पर संरक्षण का आरोप लगाया गया था। जिसको लेकर विभाग की काफी किरकिरी हो चुकी है।