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Bhadohi News: ऊन उत्पादन के लिए आगे आएं, सरकार ब्याज में देगी 3 प्रतिशत की छूट

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भदोही। भारत में ऊन उत्पादन बढ़ाने, ऊन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में उद्यमियों के साथ बैठक की।
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अधिकारियों ने कहा कि सरकार हर स्तर से सहयोग करेगी। उद्यमी ऊन उत्पादन के साथ-साथ ऊन की गुणवत्ता बेहतर करने को आगे आएं। बैठक में सीईपीसी और एकमा प्रतिनिधियों ने इसमें पहले करने का आश्वासन दिया।
ऊन विकास बोर्ड के अधिशासी निदेशक जीएस भाटी ने कहा कि सरकार भेड़ पालन से लेकर ऊन उत्पादन के लिए योजना संचालित है।
उक्त योजना का लाभ कालीन उद्योग को भी मिले इस पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह ने पहल की है। उन्होंने कहा कि कोई भी उद्यमी इसका लाभ उठा सकता है। इसके लिए फंड जुटाने में सरकार तीन प्रतिशत इंटरेस्ट सबवेंशन देगी। कहा कि समूह बनाकर भी इस क्षेत्र में काम करने वालों का सरकार सहयोग करेगी।
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अधिकारियों ने साफ किया कि ऊन के विकास के लिए लोग अपना प्रस्ताव दे सकते हैं। सीईपीसी प्रशासनिक समिति के सदस्य रवि पाटोदिया ने कहा कि भारतीय कालीनों में उपयोग हो रहे 75-80 प्रतिशत ऊनी धागा विदेशों से आयात होता है। भारत में जो ऊन उत्पादित हो रहा है उसकी अंतरराष्ट्रीय मानक से मेल नहीं खाता।
ऑल इंडिया कारपेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के मानद सचिव व सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य पीयूष बरनवाल ने बताया कि भदोही परिक्षेत्र में उपयोग हो रहा ऊन या तो आयात होता है अथवा बीकानेर से मंगाया जाता है। भदोही में स्पिनिंग मिल स्थापित करने अथवा भेड़ पालन में सरकार की रूचि स्वागत योग्य कदम है। ऊन विकास बोर्ड के अनुराग पुरोहित ने बताया कि सरकार ऊन विकास के लिए स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे भी करा रही है, जो हमारे साथ-साथ चल रहे हैं।
निदेशक राजीव कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान यादवेन्द्र रॉय, जेएस जैन, संदेश सुनेजा, श्याम नारायण, फहद राशिद, प्रो.एसके पॉल, अजित प्रसाद, निपुन मलिक, श्रवण व अन्य मौजूद रहे।
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