मानदेय, ड्यूटी आदि मांगों को लेकर जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक
विद्यालयों में खाना बनाने वाली रसोइयों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना
दिया। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले विरोध में उतरे
रसोइयों ने जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान डीएम को संबोधित 12 सूत्री मांगों
का ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा।
संगठन के जिला प्रभारी सेवालाल के
नेतृत्व में सोमवार को सुबह 10 बजे सैकड़ों की संख्या में रसोइयां
कलेक्ट्रेट पहुंच गए। धरना देकर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद की।
उनकी
मांगों में एमडीएम योजना का संचालन एनजीओ से न कराने, रसोइयों को पूरी
ड्यूटी के साथ छह हजार मानदेय, माह की 10 तारीख तक उनके खाते में मानदेय
भुगतान, रसोइयों का चयन प्रधानों के बजाए डीएम और बीएसए के अधीन की जाए, 30
बच्चों के नामांकन पर एक रसोइया का चयन,
स्कूलों में एमडीएम बनाने के लिए
आधुनिक उपकरण, एमडीएम में भ्रष्टाचार को देखते हुए टोल फ्री नंबर स्कूलों
पर अंकित किया जाए, रसोइयों को सरकार से छह लाख की बीमा कराने, एमडीएम के
बेहतर संचालन के लिए पंचायत स्तरीय एमडीएम प्रभारी रखना शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अविलंब इस पर निर्णय नहीं लिया गया तो
रसोइयां लखनऊ जाकर प्रदर्शन करेंगे। कहा कि सरकार हमारे साथ्ा न्याय नहीं
कर रही है। हमारा लगातार शोषण हो रहा है। इसपर ध्यान दिया जाना चाहिए।
धरने
में रमेश चंद्र, मनीष साहू, कन्हैया लाल यादव, नगीना, धनदेई देवी, उर्मिला
देवी, नीता देवी, संगीता, रीता, लालती, कलावती, सुषमा आदि सहित कई महिलाएं
मौजूद रहीं।