ज्ञानपुर नगर में ठंड से बचने के लिए अलाव तापते नागरिक।
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ज्ञानपुर/लालानगर। कालीन नगरी शीतलहरी की चपेट में है। जानलेवा हो चुकी ठंड के तेवर में पांच दिन बाद मंगलवार को भी नरमी नहीं दिखी। दोपहर बाद तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ठंड और गलन से लोग बेहाल रहे। आसमान में बदली छाई रही। न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री दर्ज किया गया। उधर ठंड लगने से गोपीगंज क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी पार्वती देवी (70) की मौत हो गई।
गत दो सप्ताह से तापमान में आई गिरावट के कारण कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अलाव सहारा बना हुआ है। मंगलवार को सुबह हुई तो आसमान बादलों से ढंका हुआ था। खुले इलाकों में धुंध छाया था। यह स्थिति दोपहर तक बनी रही। दोपहर बाद कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए और धरती पर धूप आई, लेकिन थोड़ी ही देर बाद फिर बदली जैसा नजारा हो गया और गलन बढ़ गई। ठंड से पशु पक्षी भी ठिठुरत नजर आए। जिला प्रशासन की ओर से ठंड से बचने के लिए जलवाए जा रहे अलाव औपचारिकता तक ही सीमित हैं, जिसके कारण लोग कचरे और टायर-ट्यूब फूंककर राहत पाने में लगे रहे। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 18.7 और न्यूनतम 8.7 रहा। कहा कि 20 जनवरी को हल्के कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 20 डिग्री जबकि न्यूनतम नौ डिग्री रहेगा। उत्तर पश्चिम हवा चलने गलन की स्थिति यथावत रहेगी। वहीं कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि ठंड गेहूं फसल के लिए लाभदायक है, लेकिन कोहरे से दलहनी-तिलहनी फसलों पर प्रभावी असर आ सकता है।